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जी-20 में मनमोहन करेंगे संरक्षणवाद का विरोध

विश्वव्यापी मंदी के चलते देशों द्वारा अपनाए गए संरक्षणवादी दृष्टिकोण से चिंतित भारत लंदन में होने वाली जी-20 बैठक में मजबूती से अपना पक्ष रखेगा कि विकसित राष्ट्र व्यापारिक बंदिशों को हटाएं और सुनिश्चित करें कि विकास के लिए धन का प्रवाह न रुके। उम्मीद की जा रही है कि विकसित राष्ट्र और विकासशील देशों के इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इन राष्ट्रों से अनुरोध करंगे कि वे इस मंदी से निपटने के लिए संरक्षणवादी रवैया न अपनाएं। प्रधानमंत्री मंगलवार शाम इस बैठक में शरीक होने लंदन रवाना हो रहे हैं। विदेश सचिव शिवशंकर मेनन ने कहा कि भारत यह उम्मीद कर रहा है कि लंदन सम्मेलन में आर्थिक मंदी से उबरने और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों में सुधार के लिए स्पष्ट और मजबूत दिशानिर्देश जारी होंगे। मेनन ने कहा कि भारत की इच्छा यह भी है कि विकास के काम में लगे अंतरराष्ट्रीय बैंकों को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध होते रहें। इस यात्रा में पीएम की राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ पाकिस्तान और अफगानिस्तान के हालात के अलावा द्विपक्षीय संबंधों पर भी चर्चा की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी संगठनों और आतंकवादियों के सीधे संबंध भारत के लिए चिंता के विषय हैं और भारत हर उस कदम का स्वागत करगा जिससे यह गठाोड़ टूटता हो। ‘अमेरिका की सकारात्मक कूटनीति मदद’के बार में पूछे जाने पर विदेश सचिव ने तीसर मुल्क के हस्तक्षेप की संभावना से इंकार करते हुए कहा, ‘ताली बजाने के लिए दो हाथ चाहिए। तीसर हाथ की जरूरत नहीं होती।’ उधर, विदेश सचिव शिवशंकर मेनन ने कहा है कि भारतीयों द्वारा स्विस बैंकों में गैर कानूनी ढंग से जमा कराए गए अरबों डॉलर को वापस लाए जाने का मामला जी-20 में भारत द्वारा उठाए जाने की संभावना न के बराबर है लेकिन इस मुद्दे पर हाल में भारत सरकार ने विस्तृत तौर पर आंतरिक चर्चा की है। उन्होंने कहा, ‘जी-20 की बैठक के लिए तैयारियां करते वक्त हमने इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की है। हम पूरी तरह से सहमत हैं कि इन पैसों का खुलासा होना चाहिए क्योंकि इनका गैर कानूनी मामलों में भी इस्तेमाल की संभावना होती है। हम इस मामले में पूरी तरह से पारदर्शिता चाहते हैं और इस पर काम कर रहे हैं।’ विदेश सचिव ने इस संभावना से भी इंकार किया कि जी-20 बैठक में चीन द्वारा उठाए गए ‘पूरी दुनिया के लिए एक करंसी’मुद्दे को उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह एक शुरुआती आयडिया है जिस पर अभी विभिन्न देशों को कई दौर की बातचीत करनी होगी।

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  • Web Title: जी-20 में पीएम करेंगे संरक्षणवाद का विरोध