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उम्र 7 वर्ष, वजन 30 किग्रा व सिर 25 किलोग्राम

प्रकृति की लीला कितनी अजीब होती है। इसे समझना साधारण मानव की क्या मिसाल, बड़े-बड़े विद्वानों के भी वश में भी नहीं है। इसकी मिसाल नगर परिषद क्षेत्र के सिसौनी मोहल्ले में देखने को मिला। जहां बिट्टु नाम की सात वर्षीया बच्ची का वजन 30 किलोग्राम का है, जिसमें सिर्फ इसके सिर का वजन ही 25 किलो है। श्रीकेश और अर्चना देवी की बेटी बिट्टु लाचार जिंदगी जीने को विवश है। बिस्तर पर लेटी अपने जन्म को कोसती रहती है। मां-बाप के अलावा अन्य परिानों के धिक्कार का सामना करते-करते टूट चुकी है। परिवार का हर सदस्य हमेशा इसकी मौत की ही कल्पना करता रहता है। एक बिजली मिस्त्री की बेटी गरीबी के साथ-साथ चिकित्सा के खर्च को भी झेल पाने में सक्षम नहीं है।ड्ढr ड्ढr गरीबी के कारण बिट्टु के ननिहाल वालों ने बचपन में ही होमियोपैथी डॉक्टर से कुछ दिनों तक इलाज कराया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। बिट्टु के पिता ने बताया कि डॉक्टर ने कहा है कि इसके सिर में पानी भर गया है, बिना ऑपरशन के बात नहीं बनेगी। ऑपरशन द्वारा ही इसे ठीक किया जा सकता है, जिस पर करीब तीन लाख रुपए खर्च आने का अनुमान है। साथ ही कहा कि गरीबी के कारण ही एलोपैथिक डॉक्टर के यहां जाने की हिम्मत आज तक नहीं जुटा पाए। वहीं बिट्टु से बात करने पर उसने परिानों द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की बात कही, परंतु एक मां का दिल हमेशा उसकी दुर्दशा पर आंसू बहाने को विवश है। एक बाप अपनी गरीबी पर विवश है। लाचार मां-बाप उसकी इस दुर्दशा के लिए अपनी गरीबी को जिम्मेदार मानते हैं। इन्हें तलाश है किसी फरिश्ते की, ताकि इसकी जिंदगी खुशहाल हो सके।

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  • Web Title: उम्र 7 वर्ष, वजन 30 किग्रा व सिर 25 किलोग्राम