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मारा गया लिट्टे प्रमुख प्रभाकरण

लिट्टे प्रमुख वी प्रभाकरन को सोमवाार को श्रीलंकाई विशेष बलों ने घेरेबंदी से नाटकीय ढंग से निकलने का प्रयास करते समय मार गिराया। प्रवक्ता ने बताया कि प्रभाकरन तथा उसके शीर्ष सहयोगी एक छोटी वैन तथा एम्बुलेंस में सवार होकर अपने छुपने के स्थान से निकले और युद्ध क्षेत्र से निकल भागने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें मार गिराया गया। सेना ने इस बारे में आधिकारिक घोषणा शवों के डीएनए परीक्षण कराए जाने के बाद की। लिटटे प्रमुख अपने दो अन्य सहयोगियों के साथ मारा गया। माना जाता है कि वे प्रभाकरन के करीबी सहयोगी लिटटे की खुफिया शाखा का प्रमुख पोत्तू अम्मान तथा समुद्री शाखा का प्रमुख सोसुई हैं। लिट्टे प्रमुख तथा अन्य शीर्ष नेताआें की सुरक्षा बलों के हाथों मौत से एक दिन पूर्व कल तमिल छापामारों ने यह कहते हुए अपनी हार स्वीकार कर ली थी कि दशकों पुराना संघर्ष एक कड़वाहट भरे अंत पर पहुंच गया है और उनके पास अपनी बंदूकों को शांत करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। इससे पूर्व, सेना प्रवक्ता ब्रिगेडियर उदया नानयाकारा ने सुबह कहा था कि प्रभाकरन अभी भी जिंदा है लेकिन लिट्टे के शीर्ष नेताआें के मत पाए जाने के बाद आगे बढ़ते श्रीलंकाई बलों ने वेल्लामुल्लीवेईक्काल के उत्तर में उसे एक छोटे जंगल में चारों आेर से घेर लिया है। सेना ने बताया था कि उसे विशेष बलों ने प्रभाकरण, पोत्तू अम्मान तथा सोसुई को सौ मीटर गुणा सौ मीटर के इलाके में घेर लिया है। प्रभाकरन के मारे जाने की खबर ऐसे समय में आयी है जब आधिकारिक रूप से इस बात की पुष्टि की जा चुकी हैे कि 220 से अधिक अग्रिम पंक्ित के लिटटे कैडर पिछले 12 घंटे में भीषण सांर्ष में मारे जा चुके हैं। इनमें प्रभाकरन का बड़ा बेटा चार्ल्स एंथनी , लिट्टे की राजनीतिक विंग का प्रमुख बालासिांम नादेसन तथा लिट्टे के शांति सचिवालय का प्रमुख पुलिदेवन शामिल हैं। मारे गए अन्य प्रमुख लिट्टे नेताआें में ब्लैक टाइगर प्रमुख रमेश, लिट्टे की पुलिस विंग का प्रमुख इलांगो तथा वरिष्ठ नेता सुंदरम और कपिल अम्मान शामिल हैं। नो फायर जोन में सोमवार सुबह-सुबह विशेष बलों के सफाया अभियान के दौरान 24 वर्षीय एंथनी का शव पाया गया जो लिट्टे की एयर विंग का प्रमुख था। लिट्टे के कब्जे वाला यह अंतिम क्षेत्र था। राजपक्षे ने कहा है कि मेरी सरकार ने सशस्त्र बलों की पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ अभूतपूर्व मानवीय सहायता अभियान चलाया और अंतत: लिट्टे को सैन्य रूप से परास्त कर दिया। उन्होंने कहा मैं ऐसे देश लौटूंगा जो लिट्टे की क्रूरतम गतिविधियों से मुक्ित पा चुका है। लिट्टे द्वारा पृथक तमिल राष्ट्र के लिए चलाए गए तीन दशक से अधिक पुराने संघर्ष में सेना के साथ संघर्ष, आत्मााती हमलों , बम हमलों तथा हत्याआें में 70 हजार लोग मारे जा चुके हैं। प्रभाकरन की मौत से कुछ ही समय पहले सेना ने उसके पुत्र चार्ल्स एंथनी समेत लिट्टे के कई प्रमुख नेताओं का शव बरामद किया। एंथनी ने आयरलैंड से शिक्षा प्राप्त की थी और वह लिट्टे की सूचना प्रौद्योगिकी इकाई का प्रमुख था और उसे अपने पिता का उत्तराधिकार संभालने के लिए तैयार किया जा रहा था। श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सेना के जवानों ने चार्ल्स का शव सोमवार सुबह मुल्लईतिवु जिले के करायामुल्लावैकल इलाके से बरामद किया। चार्ल्स के अलावा जिन छह लिट्टे नेताओं का शव बरामद हुए, उनमें संगठन का राजनीतिक प्रमुख बी. नदेसन , लिट्टे का शांति सचिवालय का प्रमुख सिवरत्नम पुलीदेवन, पुलिस इकाई का प्रमुख इलांगो, खुफिया इकाई प्रमुख कपिल अम्मान, चार्ल्स का सहयोगी सुदारमन और लिट्टे के सैन्य नेता रमेश शामिल हैं। यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि चार्ल्स और लिट्टे के ये छह प्रमुख नेता लड़ाई में मारे गए हैं और या इन लोगों ने पकड़े जाने की डर से आत्महत्या की है। प्रभाकरन ने लिट्टे की स्थापना 1में की थी और 1में उसने आतंकवादी रुख अख्तियार कर लिया। प्रभाकरन ने इस संगठन को इतना ताकतवर सैन्य संगठन बनाया कि एक दौर में श्रीलंका के तटीय इलाके के दो-तिहाई हिस्से पर उसी का अधिपत्य था।

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