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नहीं हुई एनडीए की आहुत बैठक

भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने पार्टी के संसदीय बोर्ड की इच्छा का सम्मान करते हुए 15वीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बनने पर सहमति दे दी है। लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार की समीक्षा के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी द्वारा सोमवार की शाम बुलाई गई राजग नेताओं और मुख्यमंत्रियों की बैठक रद्द कर दी गई है क्योंकि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित कुछ घटक दलों के नेताओं ने बैठक में शामिल होने में असमर्थता जताई थी। इस बीच जद यू के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिवानंद तिवारी ने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव दिल्ली में मौजूद हैं और वे ही राजग की उक्त संभावित बैठक में जद यू का प्रतिनिधित्व करेंगे। भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा, 16 मई को लोकसभा चुनाव परिणाम में पार्टी की हार के बाद आडवाणी जी ने संसदीय बोर्ड की बैठक में सदन में विपक्ष का नेता नहीं बनन की इच्छा व्यक्त करते हुए कहा था कि बेहतर होगा कि आप किसी और को नेता चुन लें।ड्ढr ड्ढr उन्होंने कहा कि उस बैठक में पूरे बोर्ड ने आडवाणी जी से विपक्ष का नेता बने रहन को कहा था। फिर भी आडवाणी जी ने जोर दिया की वह अपने निर्णय पर कायम हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि इसके बाद पार्टी ने मुझे आडवाणी जी को विपक्ष के नेता के पद बने रहन के लिए राजी करन को अधिकृत किया गया था। उन्होंने कहा कि संसदीय बोर्ड और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने जोर दिया कि वह सदन में विपक्ष के नेता पद पर पहल की तरह बने रहें क्योंकि लोकसभा चुनाव में पार्टी को जबरदस्त धा लगा है और भाजपा को उनके अनुभव और मार्गदर्शन की सख्त जरूरत है। भाजपा अध्यक्ष न कहा कि मैंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की भावनाओं से आडवाणी जी को अवगत कराया और आडवाणी सदन में विपक्ष के नेता पद पर बने रहन को सहमत हो गए। सिंह ने कहा कि आडवाणी भाजपा संसदीय बोर्ड के नेता बने रहने पर सहमत हो गए हैं इसलिए यह बात अपने आप समझी जा सकती है कि वह लोकसभा में विपक्ष के नेता भी होंगे।

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