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परमाणु हथियार कटौती पर रूस-यूएस में चर्चा शुरू

अमेरिका और रूस ने मंगलवार को परमाणु हथियारों के जखीरें को कम करने के लिए औपचारिक बातचीत शुरू कर दी। दोनों देशों का यह कदम शीत युद्ध के दौर में जमी बर्फ के पिघलने का संकेत माना जा रहा है। स्थानीय संवाद समिति ने विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि हम रचनात्मक बातचीत की आेर देख रहे हैं और आशा करते हैं कि दोनों पक्षों ने जो सकारात्मक रूख दिखाया है उसके परिणाम सतह पर दिखेंगे। गौरतलब है कि पिछले महीने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक आेबामा और रूसी राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव परमाणु हथियारों के जखीरे को कम करने पर सहमत हुए थे। यह समझौता वर्ष 1हुए सामरिक हथियार कटौती संधि ’स्टार्ट 1’ का स्थान लेगा। स्टार्ट संधि पिछले साल दिसंबर में खत्म हो गई थी। मेदवेदेव और आेबामा ने इस विषय में कहा था कि इस नए समझौते को वर्ष 2002 में परमाणु हथियारों की कटौती के लिए किए समझौते ‘सोर्ट’ में हथियारों के जखीरे की निर्धारित सीमा मे कमी लाना चाहिए। सार्ट में वर्ष 2012 तक 1700 से 2200 परमाणु हथियार रखने पर सहमति हुई थी। रूस ने कहा है कि वह इस परमाणु वार्ता को अमेरिका की यूरोप में मिसाइल सुरक्षा प्रणाली लगाने की योजना से भी जोड़ना चाहता है। इसके अलावा रूस अमेरिका पर दबाव डालेगा कि वह प्रक्षेपास्त्रों में भी कमी लाए। इस बीच रूस के प्रधानमंत्री ब्लादिमेर पुतिन ने अंतरिक्ष क्षेत्र की रूसी कंपनियों से अपील की है कि उपग्रह प्रक्षेपण व्यापार की प्रतिस्पर्धा में अपना स्थान बनाए रखने के लिए नए प्रकार के प्रक्षेपण यान बनाए जो उपग्रहों को ले जाने में समर्थ हो। रूसी अधिकारी यह अपेक्षा कर रहे हैं कि अमेरिका इस बैठक में परमाणु हथियारों की कटौती के लिए होने वाले नए समझौते का लिखित मसौदा पेश करेगा। उनका यह भी मानना है कि इस समझौते का उद्देश्य विश्व की दो सबसे बड़ी परमाणु शक्ितयों के राष्ट्राध्यक्षों की छह से आठ जुलाई को होने वाली बैठक से ठीक पहले मतभेदों को कम करना है।

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