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राहुल का अगला निशाना उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में उम्मीद से ज्यादा सीटें मिलने के बाद अब कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की देख रेख में ‘मिशन उत्तर प्रदेश’ चलाया जाएगा। जिसका लक्ष्य आने वाले विधान सभा चुनाव में अपने बल पर प्रदेश में कांग्रेस का परचम फहराना होगा। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 21 सीटें जीतने में कांग्रेस को सभी वर्गो का समर्थन मिला है। कांग्रेस इस बात से खुश है कि उनसे वर्षो पहले छिटका मुस्लिम अब उसकी ओर लौटने लगा है। भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान तथा मुरादाबाद के नवनिर्वाचित सांसद अजहरुद्दीन को संगठन में मुस्लिम युवा वर्ग को कांग्रेस से जोड़ने का काम सौंपा जा सकता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बरली सीट पर भी कांग्रेस ने धमाकेदार जीत दर्ज की। यहां से प्रवीण ऐरन ने भाजपा के दिग्गज नेता संतोष गंगवार को करारी शिकस्त दी है।ड्ढr धौरहरा से निर्वाचित जितिन प्रसाद तथा प्रतापगढ़ से आई रत्ना सिंह मंत्रिमंडल को युवा चेहरों में शामिल हो सकती है। रत्ना सिंह, इंदिरा गांधी के खासमखास तथा उनके मंत्रिमंडल में विदेश मंत्री रहे राजा दिनेश सिंह की पुत्री हैं तथा प्रतापगढ़ से तीसरी बार सांसद हैं। जतिन प्रसाद, राहुल ब्रिगेड के अहम सदस्य हैं और प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के राजनीतिक सलाहकार रहे कुंवर जितेन्द्र प्रसाद के सुपुत्र हैं। कानपुर से जीते गृह राज्यमंत्री श्री प्रकाश जायसवाल की फिर से ताजपोशी हो सकती है। इसके अलावा कभी सपा के मठाधीश रहे तथा वर्तमान में गोंडा से कांग्रेस टिकट पर जीते वेणी प्रसाद वर्मा को सपा के समाजवादियों के तोड़ के रूप में मंत्रिमंडल की कुर्सी सौंपी जा सकती है। इसके अलावा फरुखाबाद से जीते सलमान खुर्शीद, सुलतानपुर से संजय सिंह तथा डुमरियागंज से विजयी प्रत्याशी जगदम्बिका पाल के नामों पर भी चर्चा चल रही है।ड्ढr उत्तर प्रदेश के प्रभारी महासचिव रह चुके सत्यव्रत चतुर्वेदी का मानना है कि राज्य में कांग्रेस को तीन दशक पुराना जनाधार वापस पाने के लिए किसी विश्वसनीय किसान नेता को आगे बढ़ाना होगा।ं

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