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छात्रों के बाद अब शिक्षकों का धरना

तिपय अनियमितताओं की बात कहते हुए प्राध्यापकों ने जयप्रकाश विश्वविद्यालय में तालाबंदी कर दी और प्रशासन की कार्यशैली की कटु आलोचना की। अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार विश्वविद्यालय के तीनों जिलों के प्राध्यापक मुख्यालय में पहुंचे और अधिकारियों को उनके कक्ष से बाहर कर तालाबंदी कर दी। उस समय कुलपति विश्वविद्यालय में नहीं थे। इसके पूर्व सोमवार को छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर विश्वविद्यालय में ताला बंद कर दिया था।ड्ढr ड्ढr शिक्षकों की नाराजगी इस बात के लिए भी थी कि पूर्व में सूचना देने के बावजूद कुलपति मौजूद नहीं थे। इस मौक पर हुई धरनार्थियों की सभा में शिक्षकों ने कहा कि कालबद्ध, मेधा व कैरियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत शिक्षकों की प्रोन्नति लंबित है। शिक्षकों का विषयवार वरीयता व वेतन निर्धारण नहीं हुआ है। प्रयोग प्रदर्शक के पद से व्याख्याता के पद पर प्रोन्नत शिक्षकों का वेतन प्रदर्शकों के समतुल्य नहीं मिल रहा है। प्रधानाचार्यो और पीजी विभागाध्यक्षों के रोटेशन के संबंध में सरकार द्वारा निर्मित कानून का पूर्ण और शीघ्र अनुपालन नहीं किया जा रहा है। जेड ए इस्लामिया कॉलेज और डीएवी कॉलेज सीवान में व्याप्त समस्याओं के निदान के लिए सार्थक प्रयास नहीं किया गया है।ड्ढr ड्ढr जयप्रकाश विश्वविद्यालय सेवा शिक्षक संघ, अवकाश प्राप्त शिक्षक संघ, शिक्षकेतर कर्मचारी संघ, महाविद्यालय शिक्षकेतर कर्मचारी संघ के संयुक्त बैनर तले हुए तालाबंदी कार्यक्रम में शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार, प्रधान महासचिव डॉ. प्रभुनाथ सिंह, डॉ. उमाशंकर यादव, डॉ. वीरन्द्र नारायण यादव, डॉ. राकेश प्रसाद, डॉ. अजय कुमार, डॉ. रविप्रकाश बबलू समेत कई प्राध्यापक शामिल हुए। इधर बाद में कुलपति के विश्वविद्यालय में पहुंचे और शिक्षकों के तेरह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की। कुलपति के हवाले से कॉलेज निरीक्षक प्रो.विजय प्रताप कुमार और क्रीड़ा परिषद के सचिव प्रो. नंद कुमार सिंह ने बताया कि सौहाद्र्रपूर्ण वातावरण में बैठक हुई।ं

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