DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नेताजी पड़े मुश्किल में

नए परिसीमन ने नेताओं का चुनावी खेल बिगाड़ दिया है। अपने वोटरों तक पहुँचने के लिए प्रत्याशियों को नदी, नाले, जंगल और पहाड़ तक पार करने पड़ रहे हैं। कुछ उम्मीदवारों को तो दूसर का संसदीय क्षेत्र पार करके वोट माँगने जाना पड़ रहा है, लेकिन वोटरों के मजे हैं। उनकी असेम्बली सीटें अब उनके जिले से जुड़ गईं। उन्हें लगता है कि अब विकास की गंगा का रुख बदलेगा।ड्ढr छह विधानसभा वाली जौनपुर लोकसभा सीट में अब केवल दो पुरानी शाहगंज और जौनपुर सीटें बची हैं। खुटहन विधानसभा पहले मछलीशहर लोकसभा सीट का हिस्सा थी। अब यह सीट खत्म होकर बदलापुर सीट में तब्दील हो गई है। अब बदलापुर जौनपुर संसदीय सीट का हिस्सा है। बदलापुर बाजार में चाय की दुकान पर बैठे जयप्रकाश सेठ कहते हैं- खुटहन सीट पर दशकों पहले राजा श्रीपाल सिंह को छोड़ कर कोई गैर यादव प्रत्याशी नहीं जीत पाया। इस समय भी शैलेन्द्र यादव ललई विधायक हैं। सांसद उमाकान्त यादव को भी इस क्षेत्र से सर्वाधिक वोट मिलते थे। अब नए परिसीमन के बाद एक जाति का वर्चस्व टूटेगा। बदलापुर से थोड़ी ही दूरी पर शम्भूगंज बाजार है। पहले यह इलाका रारी विधानसभा क्षेत्र में पड़ता था लेकिन अब यह नई विधान सभा सीट मल्हनी का हिस्सा है। अजय कुमार बताते हैं कि मल्हनी इतना बड़ा क्षेत्र है कि उम्मीदवारों को प्रचार करने के लिए दो नदिया सई और गोमती को पार करना पड़ता है। करीब की मिर्जापुर व राबर्टसगंज लोकसभा सीटों पर तो उम्मीदवारों को प्रचार के लिए पहाड़ियाँ पार करनी पड़ रही हैं।ड्ढr मछलीशहर सीट तो सुरक्षित हो गई। यहाँ के सांसद उमाकान्त जेल में बंद हैं। वे बेसहारा हो गए। वरुण गांधी की तरह जेल से भी इस सीट पर चुनाव नहीं लड़ सकते। मछलीशहर की पाँच में से चार बदली सीटें बदल गईं। जौनपुर की मडियाहू और सैदपुर की केराकत अब मछलीशहर में आ गई हैं। उम्मीदवारों और उन्हें जिताने वाले समर्थकों को नए क्षेत्र में प्रचार करने में पसीना आ रहा है। बसपा प्रत्याशी के समर्थक हरिलाल कहते हैं कि कुछ समझे नहीं आ रहा है कि परिसीमन आयोग क्या घपला कर डारा है। हाल में घोषित हुए कांग्रेस प्रत्याशी राजबहादुर अभी नए इलाके के गुणा भाग में ही लगे हैं जबकि 16 अप्रैल को वोट पड़ने हैं।ड्ढr इसी तरह पटटी विधानसभा क्षेत्र पहले मछली शहर का हिस्सा था अब यह प्रतापगढ़ लोकसभा सीट मे शामिल हो गया है। पटटी बाजार के एक दुकानदार लक्ष्मीनारायण जायसवाल कहते हैं पटटी प्रतापगढ़ जिले में है लेकिन उसके वोटर मछलीशहर का सांसद चुनते थे। यह अजीब-सा लगता था। सांसद जी ने पटटी के लिए अपनी निधि से एक पैसा खर्च नहीं किया। अब कम से कम हम अपना सांसद तो चुन सकेंगे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: नेताजी पड़े मुश्किल में