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बसपा में मण्डल प्रभारी का पद खत्म

बसपा मुखिया मायावती ने लोकसभा चुनाव के नतीजों की समीक्षा के साथ ही पार्टी के संगठनात्मक ढाँचे को नई शक्ल देने की कवायद शुरू कर दी है। बुधवार को देर रात तक चली कोआर्डिनेटरों की बैठक में उन्होंने भारी फेरबदल करते हुए मण्डल प्रभारी का पद खत्म कर दिया। अब जोन स्तर पर कोआर्डिनेटर होंगे और लोकसभा स्तर पर प्रभारी होंगे। इसके साथ ही उन्होंने कोआर्डिनेटरों के मौजूदा कामकाज में बदलाव करते हुए कई की छुट्टी कर दी जबकि कुछ नए चेहरों को संगठन में जिम्मेदारी दी गई है। बसपा अध्यक्ष ने सभी नए कोआर्डिनेटरों से अपर कास्ट, मुस्लिम के साथ अति पिछड़ी जातियों को पार्टी से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास करने के लिए कहा है।ड्ढr पार्टी ने अपने संगठनात्मक ढाँचे को 11 जोन में बाँटा है। एक जोन में कई मण्डल शामिल है। नई जिम्मेदारी देने में लोकसभा चुनाव में प्रदर्शन को आधार बनाया गया है। लखनऊ और इलाहाबाद मण्डल को मिलाकर एक जोन है। यहाँ इंद्रजीत सरोज को हटाकर लालजी वर्मा को जिम्मेदारी दी गई है। साथ में विधान परिषद सदस्य जुगल किशोर और रायबरेली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ एक लाख वोट पाए आर.एस. कुशवाहा भी हैं। अब ये कोआर्डिनेटर बूथ स्तर तक कमेटियों का गठन करेंगे।

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