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हाइकोर्ट में सुनवाई आज

राज्य के सात पूर्व मंत्रियों की आय से अधिक संपत्ति की सीबीआइ जांच को लेकर दायर याचिका पर 21 मई को हाइकोर्ट में सुनवाई निर्धारित है। दुर्गा उरांव की याचिका पर 12 मई को सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट ने एनोस एक्का, हरिनारायण राय, कमलेश सिंह, चंद्रप्रकाश चौधरी, बंधु तिर्की, दुलाल भुइयां एवं भानुप्रताप शाही को नोटिस जारी किया था। कोर्ट ने सभी को यह बताने को कहा था कि क्यों नहीं उनकी संपत्ति की सीबीआइ जांच करायी जाये। आयकर विभाग द्वारा कोर्ट को यह बताये जाने पर कि विभाग के नोटिस का पूर्व मंत्रियों ने अभी तक जवाब नहीं दिया है, कोर्ट ने सभी को नोटिस जारी किया है।ड्ढr पूर्व मंत्री भानुप्रताप शाही ने हाइकोर्ट के नोटिस का जवाब दाखिल कर दिया है। उन्होंने कहा है कि आयकर विभाग के सभी नोटिस का उन्होंने जवाब दिया है। उनके पिता जमींदार हैं और वह अच्छे परिवार से संबंध रखते हैं। उनके खिलाफ जो भी आरोप लगाये गये हैं, वो गलत हैं। इस कारण इस मामले से उनका नाम हटा दिया जाना चाहिए। पिछली सुनवाई में सरकार का कहना था कि एनोस एवं हरिनारायण राय के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला बनता है और उनके खिलाफ जांच भी चल रही है। लेकिन शेष के खिलाफ इस तरह का मामला नहीं बनता। क्योंकि आयकर विभाग ने जो दस्तावेज दिया है, वह इसके लिए परिपूर्ण नहीं है। दुलाल ने कहा गलत है आरोपड्ढr पूर्व मंत्री दुलाल भुइयां ने एक याचिका दायर कर कहा है कि उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला नहीं बनता है। दुर्गा उरांव ने उनके खिलाफ आदिवासी जमीन अपनी पत्नी के नाम से खरीदने का आरोप लगाया है। यह आरोप गलत है। उन्होंने बरियातू में किसी आदिवासी की जमीन नहीं खरीदी। यह जमीन किसी मुसलमान की है और इसका जिक्र उन्होंने आयकर के पास किया है। इस कारण उनके खिलाफ कोई मामला नहीं बनता है। गलत जानकारी देने के कारण प्रार्थी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

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