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डीचाीपी समेत पाँच अफसर अवमानना के दोषी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बर्खास्त सिपाहियों के मामले में प्रदेश के अनेक वरिष्ठ अधिकारियों को अदालत के आदेश का पालन न करने का प्रथमदृष्टया दोषी पाया है। कोर्ट ने इन अधिकारियों को 27 मई को कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया है जिससे उनके विरुद्ध आरोप तय किए जा सकें। इन अधिकारियों में प्रदेश के प्रमुख सचिव (गृह) मंजीत सिंह, पुलिस महानिदेशक विक्रम सिंह, पुलिस महानिरीक्षक (स्थापना) विजय सिंह, अपर पुलिस महानिदेशक शीतला प्रसाद श्रीवास्तव व डीआईजी (स्थापना) संजय टार्डे हैं। गृह सचिव महेश गुप्ता ने कहा है कि अभी कोर्ट की कॉपी नहीं मिली है। अदालत के आदेश के अध्ययन के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी।ड्ढr यह आदेश न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने पवन कुमार सिंह व सैकड़ों अन्य द्वारा दाखिल अवमानना याचिका पर पारित किया है। कोर्ट द्वारा पूर्व में पारित आदेश के अनुपालन में प्रदेश के पुलिस महानिदेशक विक्रम सिंह बुधवार को कोर्ट में उपस्थित हुए। अवमानना याचिका पर सुनवाई के समय राज्य सरकार ने वह कारण बताए जिनकी वजह से बर्खास्त सिपाहियों के मामले में कोर्ट द्वारा पारित आदेश का अनुपालन नहीं किया जा सका है। कोर्ट ने इस पर असन्तोष व्यक्त करते हुए सभी अधिकारियों को 27 मई को पेश होने का आदेश दिया है।ड्ढr ज्ञातव्य है कि प्रदेश सरकार ने लगभग 23 हजार सिपाहियों को बर्खास्त कर दिया था। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। बर्खास्तगी आदेश को रद किए जाने के बाद भी जब कोर्ट द्वारा पारित आदेश का अनुपालन नहीं किया गया तब यह अवमानना याचिका दाखिल की गई। याचीगणों का कहना है कि वरिष्ठ अधिकारी कोर्ट के आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं। यह कोर्ट की अवमानना है। इसलिए जिम्मेदार अधिकारियों को सजा दी जानी चाहिए।

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