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ममता ही लिखेंगी माकपा का विदाई गीत

वामपंथी बुद्धिाीवियों का कहना है कि तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी को बंगाल की जनता ने अपने भरोसे का साथी बनाकर उन पर एक जिम्मेदारी भी डाली है। ंलेखिका महाश्वेता देवी ने कहा कि लोकसभा चुनाव के नतीजे के साफ है कि जनता चाहती है कि अब 2011 के विधानसभा चुनाव में ममता बंगाल से माकपा की विदाई का गीत लिखें और वे लिखेंगी। बुजुर्ग लेखक अम्लान दत्त ने कहा कि ममता को जनता ने इसलिए अपने भरोसे का साथी बनाया क्योंकि वे ही भरोसे के काबिल हैं। नंदीग्राम व सिंगुर की घटनाओं के बाद मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य कत्तई किसी के भरोसे के काबिल नहीं रहे। बुजुर्ग लेखक सुनंद सान्याल ने कहा कि बंगालवासी वर्षो से देख रहे हैं कि उनके हर दु:ख में ममता उनके साथ रही हैं। इसीलिए जहां ममता वहीं जनता। वरिष्ठ लेखक तरुण सान्याल ने कहा कि माकपा के हर अत्याचार के खिलाफ लगातार संघर्ष कर ममता ने जनता का यह विश्वास जीता है। ममता जनता के भरोसे पर सदैव खरा उतरी हैं। चित्रकार शुभ प्रसन्न ने कहा कि पीड़ित जनता की सबसे बड़ी आवाज ममता हैं और वे बुद्धदेव भट्टाचार्य से हर दृष्टि से बेहतर मुख्यमंत्री साबित होंगी। चित्रकार जोगेन चौधरी ने कहा कि ममता की कुशल नेतृत्व क्षमता पर कोई उंगली नहीं उठा सकता। नाटककार विभास चक्रवर्ती ने कहा कि दो साल बाद ममता को बंगाल की बागडोर सौंपने के लिए जनता व्याकुल है। वे ही बंगाल में आमूलचूल परिवर्तन ला सकती हैं। कवि जय गोस्वामी ने कहा कि ममता के लिए कुर्सी बड़ी बात नहीं है, वे हमेशा बंगाल के जनगण के मंगल के लिए प्रयासरत रहती हैं। अभिनेत्री सांवली मित्र ने कहा कि लोकसभा में 1सीटों पर जीत के बाद इतराने के बजाय ममता ने अपनी पार्टी के सांसदों से क्षेत्र में जाकर काम में जुट जाने को कहा। इसीसे उनकी प्रतिबद्धता का अंदाजा लगाया जा सकता है। अभिनेता ब्रात्य बसु ने कहा कि ममता अपनी ईमानदारी के कारण बंगाल की जनता के मंगल के काम को अंजाम देने में सफल होंगी।ं

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