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23 फरवरी, 2020|3:20|IST

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अब सरकार चलायगी प्री-स्कूल

सामाजिक क्षेत्रों में निवेश के बेहतर प्रदर्शन के नतीजे देख चुकी कांग्रेस नीत नई यूपीए सरकार की प्राथमिकताओं में यही क्षेत्र सबसे ऊपर होंगे। ऐसा नई सरकार के लिए तय किए गए प्रमुख एजेंडों पर नजर डालने से भी पता चलता है। सूत्रों के अनुसार सरकार एक अनूठी योजना शुरू करगी जिसके तहत स्कूल जाने से पहले बच्चों के लिए अब सरकारी प्री-स्कूल देश भर में खोले जाएंगे। निजी क्षेत्र में प्री नर्सरी या नर्सरी स्कूलों की उपस्थिति बहुत पहले से है। लेकिन इस क्षेत्र में अभी तक सरकार की कोई हिस्सेदारी नहीं रही है। योजना आयोग द्वारा स्वीकृत इस योजना के तहत 6 वर्ष से कम उम्र के सभी बच्चों के लिए देश भर में प्री-प्राइमरी स्कूल शुरू किए जाने का प्रस्ताव है जिसमें बच्चों को शुरुआती शब्दावलियों और मूलभूत अवधारणाओं का ज्ञान कराया जाएगा। योजना का मकसद स्कूलों में बच्चों द्वारा बीच में पढ़ाई छोड़ने की दर को कम करना है। सरकार की मौजूदा सर्वशिक्षा अभियान के तहत 6 से 14 वर्ष के बच्चों को लक्ष्य किया जाता है। हालांकि छोटे बच्चों के लिए आंगनबाड़ी और बालवाड़ी जसे कार्यक्रम काफी पहले से चल रहे हैं लेकिन उनका फोकस केवल बच्चों की प्री स्कूल शिक्षा नहीं है। अब सर्वशिक्षा अभियान को राष्ट्रीय मिशन के तौर पर लागू करना और इसमें संख्या की बजाय शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष जोर होगा। ‘हिन्दुस्तान’ ने खबर दी थी कि कैबिनेट सचिव ने विभिन्न विभागों से कहा था कि वे नई सरकार के लिए अपने विभागों से संबंधित प्राथमिकताएं तय करं। यह तय है कि बुनियादी ढांचों का निर्माण सरकार की प्राथमिकताओं में काफी ऊपर होगा। योजना आयोग द्वारा कैबिनेट सचिव को भेजे गए दो दिन पुराने नोट में कहा गया है कि सड़क निर्माण से संबंधित योजनाएं तो प्रभावी हैं, पर उनकी प्रगति निराशाजनक रही है।

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