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तमिलों का पुनर्वास 180 दिन के अंदर: श्रीलंका

श्रीलंका सरकार ने भारत को भरोसा दिलाया है कि वह संघर्षरत क्षेत्र से पलायन करने वाले लोगों को 180 दिन के अंदर उनके मूल स्थलों पर बसा देगी तथा तमिल बहुल प्रांतों को संविधान के 13 वें संशोधन के अनुरुप अधिकारों का हस्तातंरण किया जाएगा। श्रीलंका के राष्ट्रपति महिन्दा राजपक्षे और अन्य नेताआें ने कोलंबो यात्रा पर गए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन और विदेश सचिव शिवशंकर मेनन को बताया कि नई परिस्थितियों में देश के राजनीतिक ढांचे को और विकेन्द्रित करने के लिए तमिल दलों सहित सभी पक्षों से विचार विमर्श किया जाएगा। प्रयास यह है कि समस्या का स्थाई राजनीतिक समाधान खोजा जाए। तमिल विद्रोही संगठन लिट्टे की पराजय और लिट्टे प्रमुख वी प्रभाकरण की मौत के बाद नारायणन और मेनन प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह के विशेष दूत के रुप में बुधवार को कोलंबो गए थे। उन्होंने राष्ट्रपति के अलावा रक्षामंत्री जी राजपक्षे और राष्ट्रपति के दूत बसिल राजपक्षे और ललित वीरतुंगा से भी मुलाकात की। वे राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी मिले। श्रीलंका के नेताआें ने कहा कि वह शरणार्थी शिविरों को जल्द से जल्द खत्म करना चाहते हैं तथा बेघर लोगों को उनके मूल स्थानों पर बसने के लिऐ 180 दिन की एक कार्ययोजना तैयार की गई है। भारतीय अधिकारियों ने पुनर्वास कायर्ों में हर संभव सहायता देने का निश्चय व्यक्त किया। भारत ने संघर्षरत क्षेत्रों में बारुदी सुरंगों को हटाने, नागरिक आधारभूत ढांचे और आवासी क्षवनों के निमाण में सहायता देने का भरोसा भी दिलाया है। दोनों देशों के बीच अक्टूबर 2008 में मानवीय राहत कायर्ों के लिए सहमति बनी थी, जिसके आधार पर बेघर लोगों के लिए भारत ने फील्ड अस्पताल और औषधियां उपलब्ध कराई थी। इसके अलावा भारत की आेर से खाद्य, कपड़े और रिहायशी सामग्री भी दी गई थी। नारायणन और मेनन के श्रीलंका के नेताआें से विचार विमर्श के दौरान यह महसूस किया गया कि अब जबकि युद्व अभियान खत्म हो गया है राहत पुनर्वास और आपसी मेलमिलाप को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। दोनों पक्षों ने समस्या के स्थाई राजनीतिक समाधान पर जोर दिया। विचार विमर्श के दौरान विस्थापितों के पुनर्वास के साथ ही उन्हें जीवकोपार्जन की सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रयास किए जाने पर भी जोर दिया गया। संघर्ष वाले क्षेत्रों के गांवों और कस्बों में पुर्ननिर्माण और आवश्यक नागरिक सुविधाआें को बहाल करने को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

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  • Web Title: तमिलों का पुनर्वास 180 दिन के अंदर: श्रीलंका