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लालू पासवान के बाद पवार को भी कांग्रेस का ठेंगा

चुनाव नतीजे आने से पहले दिखाए गए सहयोगी दलों के नखरों को कांग्रेस ने भुलाया नहीं है और बहुमत का ब्रह्मास्त्र अपने हाथ लगने के बाद उसने क्षत्रपों को औकात में लाना शुरू कर दिया है। मंत्रिमंडल के गठन से 24 घंटे पहले तक कांग्रेस ने अपने वार रूम में सब नखरे ठंडे कर दिए हैं। राष्ट्रीय जनता दल के लालू प्रसाद यादव, समाजवादी पार्टी के मुलायम सिंह यादव और अमर सिंह तथा लोक जनशक्ित के राम विलास पासवान को किनारे लगाने के बाद कांग्रेस ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शरद पवार को ठंडा रूख दिखाया है जो इशारों ही इशारों में प्रधानमंत्री की कुर्सी पर अपना दावा करते रहे थे। कांग्रेस के सूत्रों ने कहा कि पार्टी पवार को कृषि मंत्रालय तो दे सकती है लेकिन खाद्य विभाग पार्टी अपने पास रखना चाहेगी क्योंकि कांग्रेस ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में गरीबों को 3 रूपए प्रति किलो के हिसाब से 25 किलो गेहूं-चावल देने का वादा किया था और इस वादे को पूरा करने का सेहरा वह खुद लेना चाहेगी। कांग्रेस के 15 रकाब गंज स्थित वार रूम में राकांपा के प्रफुल्ल पटेल ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रणव मुखर्जी और एके एंटनी से मुलाकात की। पत्रकारों के लिए उनके पास कहने को कुछ नहीं था। समझा जाता है कि कांग्रेस आर्थिक मंदी से उबरने में नागरिक उड्डयन मंत्रालय को भी अत्यंत महत्वपूर्ण मान रही है और इस बार वह इस मंत्रालय को अपने पास रखने का मन बना चुकी है।

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