अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

छात्रों की परफार्मेस खराब हुई, तो नपेंगे शिक्षकं

सरकारी स्कूलों में शिक्षा के गिरते स्तर से पूरा महकमा चिंतित है। इसमें सुधार के लिए विभाग ने प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर योजना बनायी है। इसके तहत शिक्षकों के साथ छात्रों को टैग कर दिया जायेगा। बावजूद इसके परफॉरमेंस खराब होने पर संबंधित शिक्षक ही दोषी माने जायेंगे। उन पर विभागीय कार्रवाई भी होगी। छात्रों का हर माह टेस्ट होगा। बजाप्ता रिपोर्ट कार्ड मिलेगा। साथ ही हर माह अंतिम शनिवार को गार्जियन मीट होगी। डीएसइ प्रदीप चौबे ने बताया कि टोटल छात्र संख्या के हिसाब से पदस्थापित शिक्षकों में समान रूप से बांटा गया है। छात्र उपस्थिति से लेकर परफॉरमेंस तक की पूरी जिम्मेवारी उन पर होगी। साफ कहा कि निरीक्षण में अगर छात्र सवाल का जवाब नहीं दे पाता है, तो शिक्षक को दोषी माना जायेगा। इसे लेकर हर प्रखंड में अभियान चलाया जा रहा है। शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। इसमें छात्रों को सहा तरीके से पढ़ाने की भी बात कही गयी है।ड्ढr सरकारी स्कूलों की ग्रेडिंगड्ढr उत्कृष्ट शिक्षा एवं बेहतर शैक्षणिक माहौल के आधार पर सरकारी स्कूलों की ग्रेडिंग होगी। इसकी प्रक्रिया शिक्षा विभाग ने शुरू कर दी है। ग्रेडिंग में पिछड़नेवाले स्कूल को बेहतर करने के लिए मौका दिया जायेगा। एनीमिया नियंत्रण से जुड़े सभी जिलेरांची। एनीमिया नियंत्रण कार्यक्रम का दायरा अब बढ़ गया है। राज्य के सभी जिलों को इस कार्यक्रम से जोड़ दिया गया है। इसमें मामले में झारखंड देश का पहला राज्य बना, जहां सभी जिलों में एनीमिया नियंत्रण कार्यक्रम लागू है। विगत नौ साल से यह कार्यक्रम पांच जिलों (रांची, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला, खूंटी) में चल रहा था। कार्यक्रम के संचालन को लेकर रांची डीइओ को राज्य नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा संबंधित डीइओ जिला नोडल पदाधिकारी होंगे।ड्ढr कार्यक्रम को प्रभावी तरीके से लागू करने को लेकर 21 मई को होटल अशोक में कार्यशाला का आयोजन हुआ। इसमें राज्यभर के डीइओ, डीएसइ एवं आरडीडीइ को बुलाया गया था। शिक्षा सचिव ने बताया कि यूनिसेफ एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह कार्यक्रम संचालित होगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: छात्रों की परफार्मेस खराब हुई, तो नपेंगे शिक्षकं