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नवनिर्वाचित एमपी कर रहें नियमों का उल्लघंन

लोकसभा का चुनाव जीतने वाले 13 विधायकों ने अब तक विधानसभा से अपना इस्तीफा नहीं दिया है। जब तक ये विधायक इस्तीफा नहीं देंगे तबतक उनकी सीट खाली होने की अधिसूचना जारी नहीं होगी और उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू होने में विलम्ब होगा। इस बार लोकसभा के चुनाव में विधायकों की भागीदारी के कारण विधानसभा की 17 सीटें खाली हो रही हैं। चार विधायक दल बदल कर चुनाव मैदान में उतरे थे। लिहाजा उन्हें पहले ही इस्तीफा दे दिया था। इनमें दो विधायक रमई राम और ललन पासवान चुनाव हार गए। जीतने वाले 13 विधायकों में राजद के एक, भाजपा के तीन और जद यू के नौ विधायकों के इस्तीफे का इंतजार हो रहा है। विधानसभा के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कंडक्ट ऑफ इलेक्शन रूल्स-१८6१ के नियम े अनुसार यदि किसी एक सदन का सदस्य किसी दूसरे सदन के लिए निर्वाचित होता है तो उसे अपने निर्वाचन के 14 दिनों के भीतर एक सदन से इस्तीफा देना होगा। इन 13 विधायकों को लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए पांच दिन पूरे हो गए लेकिन किसी ने भी अपना इस्तीफा नहीं दिया है।ड्ढr ड्ढr सूत्रों ने बताया कि संबंधित सदस्यों का इस्तीफा मिलने के बाद विधानसभा सीट खाली होने की अधिसूचना जारी कर इसकी एक प्रति चुनाव आयोग को ोज देती है और आयोग छह महीने के अंदर खाली हुई सीटों पर उपचुनाव का कार्यक्रम बनाता है। इस लिहाज से इन सभी खाली सीटों पर चुनाव नवम्बर के पहले हो जाने चाहिए। बोचहां, वारिसनगर, चैनपुर और चेनारी की सीट खाली होने की अधिसूचना जारी हो चुकी है और इसकी प्रति चुनाव आयोग को भी ोज दी गई है। त्रिवेणीगंज, नौतन, बगहा, कल्याणपुर, औराई, मुंगेर, घोसी, धोरैया, सिमरी बख्तियारपुर, अररिया, बेगूसराय, बोधगया और बक्सर की सीट खाली होने की अधिसूचना यहां से विजयी लोगों के इस्तीफे के बाद ही निकलेगी।

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