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बिजली बोर्ड ने अपनाया भिवंडी मॉडल

बिहार बिजली बोर्ड महाराष्ट्र की तर्ज पर शहरों में फ्रंचाइजी सिस्टम लागू करगा। इसके लिए महाराष्ट्र के भिवंडी मॉडल को अपनाने की तैयारी है। इसमें बिजली आपूर्ति से लेकर, मेन्टेनेंस, बिलिंग करना, बिजली शुल्क वसूलना, गड़बड़ी दूर करना और उपभोक्ताओं की परशानी दूर करने जैसे कार्य शामिल रहेंगे। फ्रंचाइजी पाने वाली एजेंसी को 24 घंटे उपभोक्ताओं की समस्याओं के निराकरण के लिए तत्पर रहना होगा। इस समय रिलायंस और गोयनका जैसी बड़ी कंपनियों ने बिहार के शहरी इलाकों में बिजली आपूर्ति में दिलचस्पी दिखलाई है। बिजली बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार पटना, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और गया में भिवंडी मॉडल जुलाई से अगस्त तक लागू हो जाएगा। बोर्ड द्वारा इसकी कोशिश शुरू कर दी गई है। बोर्ड द्वारा निकाले गए टेंडर की समय सीमा भी बढ़ा दी गई है। 18 मई को खत्म होने वाली अवधि 15 दिनों के लिए बढ़ाई गई है। बोर्ड शहरी क्षेत्र में 11 केवी फीडरों को पूरी तरह फ्रंचाइजी के हवाले करने की योजना पर काम कर रहा है। इससे राजस्व में वृद्धि के साथ-साथ कई तरह की परशानी से बोर्ड को मुक्ित मिल जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में 32ीडर फ्रंचाइजी के हवाले हो चुके हैं। इस आधार पर 5350 गांवों में फ्रंचाइजी सिस्टम काम कर रहा है। शहरी क्षेत्र में 12 फीडर के लिए एकरारनामा हो चुका है जबकि 243 फीडरों के लिए यह प्रक्रिया जारी है। फ्रंचाइजी मिलने के बाद संबंधित कंपनियों पर विद्युत उपभोक्ताओं की तमाम समस्याओं के निराकरण की जिम्मेवारी रहेगी। बिजली आपूर्ति और मेंटेनेन्स के साथ-साथ देर रात गड़बड़ी दुरुस्त करने और जले ट्रांसफार्मरों को बदलने का जिम्मा भी इन्हीं का होगा। जर्जर तारों को बदलने, सिस्टम पर नजर रखने और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देने की जिम्मेवारी इनकी रहेगी।

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