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मंत्रालय को लेकर कांग्रेस-द्रमुक में ठनी, करुणानिधि नाराज

मंत्रीपद को लेकर कांग्रेस-द्रमुक में जारी गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है और कांग्रेस से कारगर बातचीत न होने से नाराज द्रमुक अध्यक्ष तथा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री करुणानिधि शुक्रवार सुबह चेन्नई रवाना हो गए हैं। करुणानिधि ने चेन्नई रवाना होने से पहले यहां संवाददाताआें द्वारा पूछे गए किसी भी सवाल का जवाब देने से इंकार किया और कहा कि विवाद को सुलझाने के लिए शाम चार बजे चेन्नई में पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई है। उन्होंने कहा कि इसी बैठक में विवाद को सुलझाने के लिए अंतिम फैसला लिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार संप्रग और उसके प्रमुख घटक दल के बीच द्रमुक के सदस्यों को मंत्रिमंडल में शामिल करने और उन्हें मंत्रालय आवंटित किए जाने के मुद्दे पर असहमति है और इस विवाद को सुलझाने के लिए ही करुणानिधि बातचीत के लिए यहां आए थे लेकिन वार्ता असफल होने के बाद वह चेन्नई के लिए रवाना हो गए। उन्होंने बताया कि डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में सरकार के गठन में जारी गतिरोध को दूर करने के लिए कांग्रेस के संकट मोचक कहे जाने वाले वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद भी चेन्नई जा रहे हैं जहां वह करुणानिधि के साथ ही द्रमुक के अन्य वरिष्ठ नेताआें से भी बातचीत करेंगे। द्रमुक कार्यकारिणी की बैठक में गतिरोध को दूरकिए जाने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं टीआर बालू ने कहा कि सरकार को बाहर से समर्थन देने की घोषणा वह अपनी पार्टी के अध्यक्ष एम करुणानिधि की सलाह पर कर रहे है क्योंकि हमें कांग्रेसका कैबिनेट मंत्री बनाने का फॉमरूला मंजूर नहीं है। दूसरी आेर कांग्रे द्रमुक के नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री दयानिधि मारन को तो कैबिनेट मंत्री बनाने को तैयार है लेकिन मुकदमें झेल रहे बालू और डी राजा के नाम पर वह सहमत नहीं है। कांग्रेस के मुताबिक करुणानिधि अपने बच्चों को भी मंत्री बनाने का दवाब डाल रहे है। कांग्रेस महासचिव जर्नादन द्विवेदी का कहना है कि द्रमुक कैबिनेट में यादा सीटें मांग रही है, जो उसे मंजूर नहीं है। द्रमुक कोटे से सरकार में शामिल होने वाले मंत्रियों की संख्या के सवाल पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रणव मुखर्जी और गुलाम नबी आजाद ने करुणानिधि से बात की लेकिन ये बात नहीं बन पाई। अब दोनों नेता संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी से परामर्श कर संभवत शुक्रवार देर रात करुणानिधि से फिर बातचीत कर उन्हें मनाने का प्रयास करेंगें।ड्ढr ड्ढr कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी का कहना है कि संप्रग के सहयोगी घटक दल अपनी पसन्द का इजहार तो कर सकते हैं, पर किसे मंत्रिमण्डल में शामिल किया जाए और क्या विभाग दिया जाए यह प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है।

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  • Web Title: कांग्रेस-द्रमुक में गतिरोध, करुणानिधि लौटे