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मेला जिसने खोल दिए दुनिया के नैना

नैनो की बदौलत अपार जनता को बटोरने वाले ऑटो एक्सपो में इस बार जबरदस्त कारोबार हुआ। यह मेला ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए कितना भाग्यशाली रहा इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस बार आठ दिनों में 20 हजार करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। जानकर हैरानी होगी कि पिछले वर्ष महज 548 करोड़ का कारोबार हुआ था और इस बार 1 हजार करोड़ के कारोबार का अनुमान था। प्रगति मैदान मंे पैर रखने के बाद से नैनो इस मेले में आकर्षण का केंद्र बनी रही। टाटा की इस कार ने ऑटो एक्सपो को ग्लोबल पहचान दिलाई। एक्सपो का गुरुवार को समापन हो गया। इस दौरान 30 नए वाहन उतारे गए जो अपने आप में एक रिकार्ड है।ड्ढr शंघाई के बाद यह दूसरा सबसे बड़ा ऑटो शो था जिसमें 2 हजार से अधिक उद्योगों ने भाग लिया। ऑटो जगत के हर दो साल पर आयोजित होने वाले इस महाकुंभ को देखने के लिए करीब 18 लाख दर्शक आए। अब 10वां ऑटो एक्सपो 2010 में 6-13 जनवरी को आेयोजित होगा। सीआईआई के डीजीएम गुरुपाल सिंह ने बताया कि भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग ने विश्व स्त्तर पर अपनी जोरदार पहचान बनाने में सफलता हासिल की। हर मायने, मसलन मेले का आकार, भागीदारों की संख्या, दर्शक आदि में यह एक्सपो सबसे भिन्न रहा। लगभग हजार ट्रेड इन्क्वायरी हुईं, जिसमें 66 प्रतिशत बिजनेस विजीटर थे। 100 से ज्यादा एमआेयू पर हस्ताक्षर हुए। इस वर्ष 7 नए और अनूठे पेवेलियन बनाए गए थे जो लोगो को खूब भाए। इस दौरान कितनी टिकटें बिकीं इस बारे में जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं हो पाई। सियाम के डीजी दिलीप चेनाय ने बताया कि वां ऑटो एक्सपो कई मायने में पिछले एक्सपो और शंघाई ऑटो शो से अलग रहा। भारत ही नहीं यह एशिया का अब तक का यह सबसे बड़ा एक्सपो था। भारत दुनिया का 11वां सबसे बड़ा पैसेंजर कार बाजार है। इसे देखते हुए कार निर्माता कंपनियांे ने कॉन्सेप्ट कारों की श्रंखला प्रदíशत की। टाटा की सबसे सस्ती कार नैनो सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र रही। वोक्सवैगन, होंडा और मारुति-सुजुकी नई कारों का प्रदर्शन किया। बड़े भागीदार देशों में जापान, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, इटली सहित कुल 2देश मेले में शामिल हुए। डीजल सिटी और रोबोट खास पैवेलियन बनाए गए। रोबोटिक पर 1015 ट्रेड इंक्यावरी हुईं तथा 30 करोड़ का ऑर्डर हुआ। उन्होंने बताया कि देश में शहरीकरण और सड़कों का जाल जिस रफ्तार से बढ़ रहा है, उससे अगले 5-7 वषरे में ऑटो इंडस्ट्री के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होगी। वर्तमान में उद्योग का 18 अरब डॉलर का निवेश करीब 40 डॉलर तक पहुंच जाने की उम्मीद है।ड्ढr प्रख्यात कार डिजाइनर दिलीप छाबड़िया द्वारा डिजाइन की गई एम्बेसेडर के लुक में 4 करोड़ की लग्जरी कार,1.68 लाख की साइकिल और एएमडब्ल्यू की नई 31 टन की ट्रक ने खासा आकर्षित किया। टोयटा, किलर्ोस्कर, निसान और एलएमएल जैसी प्रमुख कंपनियां उपस्थित नहीं रही। ं

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