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उच्च विकास दर वक्त की मांग : चिदंबरम

वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि उच्च विकास दर हासिल करना वक्त की जरूरत है। बेहतर आर्थिक विकास और उच्च मानव विकास सूचकांक (ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स) और जीडीपी के लक्ष्य को हासिल किए बगैर वैश्विक प्रतिस्पर्धा में टिके रहना मुश्किल है। दीर्घकालीक आर्थिक विकास के लिए जरूरी है। देश में स्वास्थ्य, शिक्षा सहित स्किल डेवलपमेंट जैसे गैर-आर्थिक पक्षों को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया जाए। वित्त मंत्री ने जमशेद जी टाटा की आेर से बसाए गए जमशेदपुर का हवाला देते हुए उद्यमियों को भी ‘कारपोरेट रिस्पांसिबिलटी’ को पूरा कर, देश के विकास में शामिल होने की अपील की। सीआईआई की आेर से आयोजित ‘पार्टनरशिप समिट’ में वित्त मंत्री, देश विदेश के औद्योगिक प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे। चिदंबरम ने देश के विकास के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश करने को जरूरी बताया। उन्होंने कृषि क्षेत्र के महत्व को दरकिनार किए जाने के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि शत-प्रतिशत लोगों को खाना खिलाने के लिए 65 फीसदी लोगों का कृषि क्षेत्र में जुटे रहना तर्कसंगत नहीं है। वित्त मंत्री ने कहा कि ऐसी नीतियां बनाई जाए ताकि जीडीपी के लक्ष्य को हासिल किया जा सके। इनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण सहित अन्य मुद्दे भी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि देश ने ऑटोमोबाइल, इंफ्रास्ट्रक्चर, संचार क्षेत्र में विकास किया है, लेकिन जरूरत है कि विकास के रास्ते आड़े आने वाले गैर आर्थिक पहलुआें से जुड़ी समस्याआें को दूर किया जाए। इसके लिए बुनियादी बदलाव के साथ विचारधारा में भी बदलाव की जरुरत है। वित्त मंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास की दर के 0 के लक्ष्य को हासिल करने के साथ सर्विस सेक्टर में इससे अधिक वृद्धि दर्ज की जा सकती है। कार्यक्रम के दौरान जब एसके मुंजाल ने अमेरिका में मंदी का भारत पर प्रभाव पड़ने की बात कही, तो वित्त मंत्री ने साफ कहा कि इससे देश पर कोई असर नहीं पड़ेगा। लेकिन विश्व स्तर पर हो रहे आर्थिक बदलाव के दौर में भी विकास की गति बनाए रखने के लिए अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने की बात कही।

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