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मानव क्लोनिंग का दावा

ैलिफोर्निया की एक कंपनी का दावा है उसने क्लोनिंग तकनीक की बदौलत पांच मानव भ्रूण बनाने में सफलता हासिल कर ली है। उसे उम्मीद है कि इस राह पर आगे चलते हुए वह मरीजों के लिए मिलती-जुलती स्टेम कोशिकाएं बनाएगी। विकसित हुए भ्रूण वास्तविक क्लोन हैं या नहीं इसकी जांच के दौरान स्टेमजेन कॉरपोरेशन ने भ्रूणों को तो नष्ट कर दिया मगर उत्पादकता केंद्र के शोधकर्ताआें ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि नए मानवीय अंडाणुआें का तैयार स्रेत उनकी पहल को सफल बनाएगा। वैसे अन्य विशेषज्ञ इन दावों को लेकर शंकित हैं। यह रिपोर्ट स्टेम सेल पत्र में प्रकाशित हुई। अगर यह बात सही निकली तो यह ऐसा पहला दल होगा जो यह साबित कर सकेगा कि उन्होंने स्टेम कोशिकाआें के लिए मानव का क्लोन तैयार किया। स्टेम कोशिकाएं कई तरह की होती हैं। दिनों पुराने भ्रूण से बनने वाली भ्रूण कोशिकाआें को सबसे शक्ितशाली माना जाता है क्योंकि वह शरीर में अन्य हर किस्म की कोशिकाआें का विकास कर सकती हैं। स्टेमजेन के दल ने कहा कि उन्होंने आईवीएफ केंद्र में काम करने वाले दो वयस्क लोगों की चमड़ी की कोशिकाआें का इस्तेमाल कर पांच मानव भ्रूण विकसित किए। उनके मुताबिक, उन्होंने इसकी बारीकी से पुष्टि की कि यह भ्रूण इन दो आदमियों का ही क्लोन थे। प्रमुख शोधकर्ता एंड्रयू फ्रेंच ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि यह अन्य कई अध्ययनों के लिए एक नया मोड़ साबित होगा।’ उन्होंने जिस तकनीक का इस्तेमाल किया उसे सोमेटिक सेल न्यूक्िलयर ट्रांसफर (एससीएनटी) कहते हैं, जिसके तहत एक अंडाणु कोशिका को खोखला कर उसमें दानकर्ता से प्राप्त कोशिका को इंजेक्शन के माध्यम से प्रवेश करा दिया जाता है। यह वही तकनीक है, जिसका इस्तेमाल 1मंे डॉली भेंड़ के निर्माण में किया गया था। अनुसंधानकर्ताआें को उम्मीद है कि वे इस तकनीक का इस्तेमाल कर जख्मों और बच्चों मंे मधुमेह जैसे रोगों का इलाज करने के लिए एकदम उनकी जरूरत के मुताबिक कोशिकाआें, ऊतकों और यहां तक की अंगों को विकसित कर सकेंगे।

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