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गुर्जरों को महापड़ाव की सशर्त अनुमति

जाति आरक्षण की मांग रहे गुर्जरों के लिये जयपुर में महापड़ाव और चा जाम की धमकी देने वाले गुर्जर नेताआें के खिलाफ राजस्थान उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर करने के एक दिन बाद ही राज्य सरकार ने उन्हें 21 जनवरी से दो दिन के महापड़ाव की अनुमति दे दी। जबकि उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार की अवमानना याचिका पर गुर्जर नेताआें को नोटिस जारी कर दिये। जयपुर के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट दक्षिण ने संयुक्त गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष विधायक प्रह्लाद गुंजल को पत्र भेज कर शहर के बाहर मुहाना मंडी के समीप 21 जनवरी को सुबह दस बजे से 23 जनवरी की शाम पांच बजे तक महापड़ाव की सशर्त अनुमति दी। शतरे में गत वर्ष 10 सितंबर राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा जारी आदेशों की अक्षरश: पालना करने को कहा गया। इनमें महापड़ाव स्थल पर किसी प्रकार के हथियार व आग जलाने का सामान नही लाना, उत्तेजनात्मक भाषण और भड़काऊ नारे बाजी नहीं करना, यातायात बाधित नहीं करना एवं मुख्य सड़क को छोड़ते हुए पार्किंग करना प्रमुख है। दूसरी तरफ महापड़ाव के मद्देनजर पुलिस गुर्जर नेताआें की धरपकड़ करने में लगी है। गुर्जर बहुल जिलों में 200 गुर्जर नेताआें की गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। गुरूवार को भरतपुर में पुलिस के आने से पहले निकल गए विधायक अतर सिंह भड़ाना को गिरफ्तार करने के लिये भरतपुर जिले में बयाना के पास एक फार्म हाउस पर छापा मारा गया लेकिन वह हाथ नहीं आए। इस बीच राज्य सरकार द्वारा दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए राजस्थान उच्च न्यायालय में न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकल पीठ ने गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला और संयुक्त गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष विधायक प्रह्लाद गुंजल सहित डेढ़ दर्जन गुर्जर नेताआें को नोटिस जारी कर दिए।ं

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