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पीएफसी करेगी अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं पर फोकस

बिजली क्षेत्र को ऋण उपलब्ध कराने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख कंपनी पावर फाइनेंस कार्पोरेशन (पीएफसी) ने देश की अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं पर खास ध्यान देने का फैसला किया है। इसके लिए कंपनी राज्यों की अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं को न केवल धन उपलब्ध कराएगी बल्कि ऋण के वितरण तथा ऋण की प्रोसेसिंग में भी मदद उपलब्ध कराएगी। पीएफसी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि जिन राज्यों में अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं को स्थापित करने की क्षमता मौजूद है तथा जो 100 करोड़ रुपये तक की कैप्टिव बिजली परियोजनाएं लगा सकते हैं वहां कंपनी खास तवज्जो देगी।उल्लेखनीय है कि पीएफसी सार्वजनिक क्षेत्र की एक प्रमुख कंपनी है जिसका नाम नव-रत्न कंपनियों में शुमार हो चुका है। पीएफसी बिजली क्षेत्र कंपनियों को सावधि ऋण उपलब्ध कराती है। यह कार्य पीएफसी के राजस्व में काफी योगदान देता है। इसके अतिरिक्त, कंपनी बिजली परियोजनाओं की स्थापना के लिए कंपनियों को सभी प्रकार की कंसल्टेन्सी, तकनीकी तथा सलाह सेवाएं भी देती है। पीएफसी की स्थापना जुलाई 1में बिजली तथा संबंधित क्षेत्रों के विकास के लिए एक वित्तीय संस्थान के रूप में की गई थी। इस निगम को भारतीय रिजर्व बैंक ने एक गैर बैकिंग वित्तीय कंपनी के रूप में रजिस्टर किया था तथा जून 2007 में इसे नव-रत्न पीएसयू (सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी) के दर्जे से भी नवाजा गया । सूत्रों ने बताया कि ऐसे राज्यों में जहां अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं को स्थापित करने की संभावनाएं मौजूद हैं, वहां ऐसे वित्त अवसरों के दोहन के लिए पीएफसी एक पैनल बनाएगी। पीएफसी ने ऐसे राज्यों में कौस्ट अकाउंटिंग कंपनियों तथा स्टेट नोडल एजेंसियों जैसे कंसल्टेन्सी संगठनों से सीमित संख्या में आवेदनों की मांग की है जिससे कि उन्हें बीडीए (बिजनेस डेवलपमेंट एसोसिएट्स) के रूप में पैनल में शामिल किया जा सके। ये बीडीए पवन ऊर्जा, छोटी पनबिजली, बायोमास तथा सह-बिजली उत्पादक कंपनियों जैसी बिजली की बचत करने वाली तथा अक्षय परियोजनाओं के डेवेलपरों से आवेदन आमंत्रित करंेगे । सूत्रों ने बताया कि ये बीडीए ऋण की मंजूरी तथा उनके आवंटन में पीएफसी की मदद करेंगी। यही नहीं, ये बीडीए डेवेलपरों को उनके अनुशंसित फार्मेट में लोन आवेदनों की त्वरित प्रोसेसिंग तथा फर्निशिंग में सहायता करेंगे। सूत्रों ने बताया कि पीएफसी को देश की नौ अल्ट्रा मेगा परियोजनाओं के विकास के लिए एक नोडल एजेंसी के रूप में नियुक्त किया चुका है। दो का फैसला हो चुका है और अब शेष सात बची अल्ट्रा मेगा परियोजनाओं के संचालन के लिए पीएफसी अपनी सेवाएं देने के एवज में उनके डेवेलपरों से प्रति परियोजना पांच करोड़ रुपये से ले रही है जबकि इन चिन्हित परियोजनाओं से दीगर परियोनाओं के लिए वह 15 करोड़ रुपये चार्ज कर रही है।

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  • Web Title: पीएफसी का अक्षय ऊर्जा पर फोकस