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दिल्ली 15 साल बाद बनी रणजी चैंपियन

दिल्ली टीम के 15 वर्ष बाद सातवीं बार रणजी चैंपियन बनने में ‘लेडी लक’ की भी अहम भूमिका रही। दिल्ली से अपनी टीम की हौसला अफजाई करने आई यह महिला फाइनल मैच में वानखेड़े स्टेडियम में मौजूद रहकर चुपचाप जीत की दुआ करती रहीं। जब चौथे दिन चाय के बाद दूसरे आेवर की पहली गेंद पर दिल्ली ने उत्तर प्रदेश को नौ विकेट से हराकर चैंपियन बनने का गौरव पाया तो इस महिला की खुशी का भी ठिकाना नहीं था। यादगार पलों को वह कैमरे में कैद कर फूली नहीं समा रही थी, क्योंकि इस जीत के साथ उसका भी नाता जुड़ा हुआ था। यह महिला थी पहली बार दिल्ली के कोच की भूमिका निभा रहे पूर्व टेस्ट क्रिकेटर विजय दहिया की पत्नी। शनिवार को यहां उत्तर प्रदेश ने दिल्ली को 230 रनों का विजय लक्ष्य दिया जिसे उसने कप्तान गौतम गंभीर के नॉटआउट शतक की मदद से महज 55.1 आेवर में एक विकेट गंवा कर शाही अंदाज में आसानी से हासिल कर लिया। इसके बाद शुरू हुआ जोरदार जश्न, ड्रेसिंग रूम में बीयर और शैंपेन की बौछारों में खिलाड़ी पूरी तरह से नहा गए। वे नशे में धुत थे। ये नशा शैंपेन या बीयर पीने से ज्यादा रणजी ट्रॉफी जीतने से चढ़ा था। शुक्रवार को चाय के समय उत्तर प्रदेश की टीम मजबूत स्थिति में नजर आ रही थी और दिल्ली के खेमे में खासा तनाव था। ऐसे में गंभीर ने खिलाड़ियों से कहा, ‘इतना आगे तक पहुंचने के बाद हारना ठीक नहीं है। आप सिल्वर मैडल जीतते नहीं हैं, बल्कि गोल्ड हारते हैं।’ शनिवार को चाय के विश्राम का समय दिल्ली के खिलाड़ियों से काटे नहीं कट रहा था। जीत का दीदार करने के लिए उनके पेट में तितलियां उछलकूद मचा रहीं थी। क्योंकि तब दिल्ली जीत से महज 6 रन दूर थी। सेमीफाइनल मैच की तरह गंभीर ने शतकीय पारी खेल मुकाबले को एकतरफा बना दिया। उन्होंने 155 गेंदों पर बेहतरीन कवर ड्राइव, पुल, फ्लिक और स्क्वायर कट करते हुए 17 चौके ठोक नॉटआउट 130 रन बनाए। आकाश चोपड़ा के 33 रन पर आउट होने के बाद गंभीर और शिखर धवन ने दूसरे विकेट के लिए बिना जुदा हुए 13रन जोड़े। इससे पूर्व सुबह प्रदीप सांगवान की तेज गेंदबाजी का जलवा चला और बचे हुए चार में से तीन विकेट उनकी झोली में गए। सांगवान के 5-3-5-3 विकेट के स्पैल से उप्र की दूसरी पारी 48 मिनट में 10.2 आेवर में 23 रन जोड़कर 177 रन पर सिमट गई। दिल्ली के लिए तटस्थ मैदान इस बार लकी साबित हुआ। 1में पहली बार तटस्थ मैदान ग्वालियर में फाइनल दिल्ली ने खेला था लेकिन तब पहली बार हुए दिन-रात के मुकाबले में उसने मुंबई से मात खाई थी। दिल्ली पिछली बार 1में तमिलनाडु को हरा कर चैंपियन बनी थी। नई गेंद से पहली पारी में दो बार धमाकेदार प्रदर्शन करने वाले प्रवीण कुमार दूसरी पारी में एकदम साधारण नजर आए। उन्होंने आकाश चोपड़ा और गौतम गंभीर को खिलाने के बजाए ज्यादातर गेंदें बाहर फेंक कर नई गेंद की चमक का लाभ गंवा दिया। गंभीर ने पारी के दूसरे आेवर में सुदीप त्यागी को तीन चौके जड़ आक्रामक तेवर दिखाए। गंभीर और चोपड़ा ने पहले विकेट के लिए रन की साझेदारी निभा उप्र टीम के हौसले पस्त कर दिए थे। उप्र (पहली पारी) : 342। दिल्ली (पहली पारी) : 20। उप्र (दूसरी पारी) 177 - कल के 6 पर 154 रन से आगे- भुवनेश कुमार ब. सांगवान 1आमिर खान क. बिष्ट ब. सांगवान 12, प्रवीण कुमार ब. सांगवान 01, प्रवीण गुप्ता क. भाटिया ब. भंडारी 13, सुदीप त्यागी नॉटआउट 00, अतिरिक्त : 03, विकेट : 7- 154, 8-160, । गेंदबाजी : सांगवान 20-6-46-5, नरवाल 16-6-65-1, भंडारी 11.2-2-28-2, भाटिया नंदा 7-1-23-0।ड्ढr दिल्ली (दूसरी पारी) : 1 पर 230- आकाश क. कैफ ब. गुप्ता 33, गंभीर नॉटआउट 130, शिखर नॉटआउट 54, अतिरिक्त: 13, विकेट : 1-। गेंदबाजी : प्रवीण 18-4-48-0, सुदीप 11-2-50-0, भुवनेश 4.1-1 -17-0, पीयूष 8-0-30-0, पी. गुप्ता 14-0-77-1।

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