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दो साल में साढ़े चार करोड़ बोतल शराब गटक गए हैं कश्मीरी

बीते दो सालों में जम्मू-कश्मीर की जनता शराब और बीयर की साढ़े चार करोड़ बोतलें गटक चुकी है। इससे भी ज्यादा चौंकाने वाला तथ्य यह है कि जम्मूवासियों से ज्यादा शराब और बीयर का लुत्फ तो घाटी की जनता उठा रही है, वह भी आतंकवादियों के प्रतिबंध के बावजूद। हैरत की एक और बात यह है कि सूबे में शराब के लाइसेंस पाने वालों में महिलाआें की संख्या अधिक है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, शराब और बीयर की 14 लाख बोतलें तो अकेले श्रीनगर के लोग-बाग ही घटक गए। यह खपत अप्रैल 2006 से लेकर अभी तक की है। सरकारी आंकड़ों की मानें तो हिन्दू बहुल जम्मू डिवीजन में तो शराब की बिक्री लगातार कम हो रही है, जबकि मुस्लिम बहुल कश्मीर घाटी यह ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। आंकड़े कहते हैं कि कश्मीर डिवीजन में आम जनता 2006 में 3.85 लाख बोतल शराब गटक गई। पिछले साल में यह आंकड़ा बढ़ कर सवा चार लाख तक पहुंच गया। वहीं जम्मू इसी दौरान शराब की खपत 1मिलियन से कम होकर 13.3 मिलियन पर आकर टिक गई। राज्य में शराब के 64 प्रतिशत लाइसेंस महिलाआें के नाम हैं। जम्मू कश्मीर में 155 लाइसेंसों में से 82 महिलाआें के नाम हैं। इन आंकड़ों पर विधानसभा में एक विधायक ने चुटकी ली कि प्रांत के लोग महिलाआें के हाथों ही मदिरापान कर जन्नत का नजारा ले रहे हैं।

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  • Web Title: चार करोड़ बोतल शराब गटक गए हैं कश्मीरी