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24 जनवरी, 2020|10:53|IST

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ई-गवर्नेस का असर दिखेगा अगले वित्तीय वर्षं

ई-गवर्नेस के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का असर अगले वित्तीय वर्ष से सूबे के प्रखंड स्तर से लेकर राज्य मुख्यालय तक के दफ्तरों में दिखने लगेगा। यह तथ्य शनिवार को यहां उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के साथ टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के वरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में सामने आया।ड्ढr ड्ढr सूबे के सरकारी दफ्तरों के कम्प्यूटरीकरण में लगी टीसीएस के अधिकारियों ने पावर प्रजेंटेशन के दौरान बताया कि फिलहाल कंपनी लगभग 160 करोड़ की छह प्रकार की कार्य योजनाओं पर तेजी से काम कर रही है। श्री मोदी ने कहा है कि भी छह योजनाओं-कंप्रीहेंसिव ट्रेजरी मैनेजमेंट सिस्टम, वैल्यू ऐडेड टैक्स मैनेजमेंट इंफार्मेशन सिस्टम, सिटिजन सेन्ट्रिक पोर्टल (बिहार-ऑनलाइन), इंटीग्रेटेड वर्कफ्लो एंड डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट सिस्टम, ब्रेन डाटा सेंटर एवं बिहार स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क को राज्य में अगले वित्तीय वर्ष से अमल सुनिश्चित करने के लिए फरवरी से ही प्रायोगिक तौर पर कुछ कार्यालयों में शुरू कर दिया जाएगा। बैठक में वित्त विभाग के प्रधान सचिव नवीन कुमार, अपर वित्त आयुक्त आलोकवर्धन चतुर्वेदी और टीसीएस के उपाध्यक्ष तन्मय चक्रवर्ती समेत कई अन्य वरीय अधिकारी मौजूद थे।ं

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