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कहलगांव में दूसरे दिन भी फायिरग

भागलपुर जिले का कहलगांव दूसरे दिन शनिवार को भी युद्धक्षेत्र बना रहा। सुबह से ही गोलियों की तड़तड़ाहट से बाजार गूंजता रहा। पुलिस फायरिंग में एक व्यक्ित की फिर मौत हुई और एक जख्मी हुआ। दिन भर उग्र भीड़ और पुलिस के बीच पथराव होता रहा। पुलिस ने भी दर्जनों राउंड गोलियां चलाईं। इस बीच सरकार ने पुलिस फायरिंग में मारे गये तीन प्रदर्शनकारियों के परिजनों को एक-एक लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। इसके साथ ही कहलगांव के एसडीआे सत्येन्द्र नाथ श्रीवास्तव और एसडीपीओ बी.एन.झा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए पूरे घटनाक्रम की न्यायिक जांच के आदेश दिए गये है। बीडीआे सह सीआे और थाना प्रभारी का भी तबादला कर दिया गया है। गिरफ्तार 13 लोगों को सरकार के निर्देशपर बिना शर्त छोड़ दिया गया।ड्ढr ड्ढr शनिवार को दोबारा गोली चलने और एक व्यक्ित के मारे जाने की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्य सचिव आर.जे.एम.पिल्लै और डीजीपी आशीष रंजन सिन्हा को 1,अणे मार्ग तलब किया। साथ ही गृह सचिव और एडीजी मुख्यालय से दूरभाष पर बात करके कहलगांव में हालात का जायजा लिया। देर शाम कहलगांव से पटना पहुंचने के बाद दोनों अधिकारी सीधे मुख्यमंत्री आवास पहुंचे और श्री कुमार को विस्तार से जानकारी दी। इसके कुछ ही देर बाद मंत्रिमंडल सचिवालय में अवर सचिव विपिन कुमार सिंह और विजलेंस डीएसपी कुमार एक्ले को क्रमश: कहलगांव का नया एसडीओ और एसडीपीओ बना दिया गया। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार कहलगांव पुलिस फायरिंग में मरने वालों की संख्या अब तीन हो गयी है। ड्ढr ड्ढr महागामा से ए.प्र. के अनुसार पुलिस फायरिंग में मारा गया युवक राजेश मंडल महागामा का रहने वाला था। वह कहलगांव कॉलेज में आईए का छात्र था तथा पुलिस फायरिंग के वक्त सब्जी खरीदने के लिए बाजार गया था।शुक्रवार को हुई पुलिस फायरिंग के विरोध में उग्र भीड़ ने शनिवार को एक बार फिर हिंसक रूप अख्तियार कर लिया। भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस ने दोबारा गोलियां चलायीं। शुक्रवार को पुलिस की गोली से जख्मी सुबुल की मौत पटना जाने के क्रम में शनिवार की सुबह हो गई। घटनाक्रम में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है जबकि गैरआधिकारिक तौर पर मरने वालों की संख्या पांच बताई जा रही है। कहलगांव में जबरदस्त तनाव बना हुआ है। बाजार सहित ग्रामीण क्षेत्र भी पुलिस छावनी में तब्दील हो चुका है। घोघा से लेकर पीरपैंती तक जगह-जगह आगजनी और सड़क जाम की घटना हुई। उग्र भीड़ ने शव को लेकर सड़क पर प्रदर्शन किया। पुलिस ने शनिवार को बर्बरता की हद पार कर दी। गली- मुहल्लों में पुलिस ने घरों से बच्चों और महिलाओं तक को निकाल कर पीटा। गृह सचिव और एडीजीपी ने शनिवार को यहां मामले की समीक्षा की। कहलगांव के एसडीओ, डीएसपी को निलंबित करते हुए सीओ और थानाप्रभारी को हटा दिया गया है। उग्र भीड़ ने भी जमकर पथराव किया जिसमंे दो पुलिसकर्मी जख्मी हुए हैं। मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा गृह सचिव ने की। इस दौरान एडीजीपी, डीएम और एसपी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सदानंद सिंह के आवास पर जाकर विचार विमर्श किया। शुक्रवार की घटना को लेकर सुबह से ही कहलगांव और उसके आस-पास के क्षेत्र में व्यापक तनाव था। सुबह आठ बजे के करीब कहलगांव के मुख्य चौक-चौराहों पर भीड़ जमा हो गई और पथराव तथा आगजनी करने लगी। इस दौरान पुलिस और भीड़ के बीच जमकर पथराव हुआ। पुलिस और भीड़ के बीच लुका-छिपी का खेल दिन भर चलता रहा। इस दौरान पुलिस ने भीड़ को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। घरों की छतों पर खड़े लोगों को गोली मारने की धमकी दी जा रही थी। जिनके घर खुले थे उसमें घुसकर पुलिस ने लोगों को पीटा। भीड़ की तरफ से भी पटाखे बम छोड़े गए। बीच-बीच में गोली की आवाज से शहर गूंजता रहा। दिन भर कहलगांव, घोघा , एकचारी, सहित दर्जन भर बाजार बंद रहे। लोग सड़क जाम कर आगजनी कर रहे थे। पुलिस ने भीड़ का पीछा करते हुए मो. असलम उर्फ खेढू को गोली मार दी जिसे अस्पताल ले जाने पर डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने सोनू को भी गोली मारकर जख्मी कर दिया। मो. असलम को पुलिस ने कोतवाली इमामबाड़ा के सामने गोल मारी। मुहल्ले वालों ने बताया कि डीएसपी ने असलम को बुलाकर गोली मारी है। काजचक में गुस्साई भीड़ ने अस्पताल में आग लगा दी तथा वहां खड़े एम्बुलेंस सहित दो वाहनों को जला डाला। हजारों की संख्या में उग्र भीड़ ने शव को लेकर बाजार में प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस मूक दर्शक बनी रही। दोपहर बाद गृह सचिव अफजल अमानुल्लाह और एडीजीपी अभयानंद ने कहलगांव पहुंच कर मामले की समीक्षा की। एडीजीपी, डीएम और एसपी के साथ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया तथा लोगों से घटना के संबंध में जानकारी ली। इसके बाद सभी अधिकारी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सदाननद सिंह के आवास पर जाकर एक कमरे में विचार विमर्श किया। गृह सचिव ने बताया कि एसडीओ सत्येन्द्र नाथ श्रीवास्तव, डीएसपी बी एन झा, अंचलाधिकारी अजीतकुमार सिंह और थाना प्रभारी अजयकुमार मिश्रा को हटा दिया गया है। मृतक के परिजनों को एक-एक लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। बिजली संकट सहित अन्य समस्याओं पर पटना में घोषणा की जाएगी। एसपी जे एस गंगवार ने बताया कि पुलिस की तरफ से तीन फायरिंग की गई है। उन्होंने बताया कि सुबुल की मौत पटना जाने के क्रम में हो गई । उसके शव को भागलपुर में रखा गया है। उसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पांच से अधिक लोगों की मौत पुलिस फायरिंग में हुई है।

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