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पर्थ में कंगारुआें का गुरुर जमींदोज

ुम्बले की अगुआई में टीम इंडिया ने शनिवार को यहां वाका मैदान पर आस्ट्रेलिया को तीसरे टेस्ट में हराकर कंगारुआें के ‘अनबीटबल’ होने के गूरुर को ध्वस्त कर दिया। इसके साथ ही जम्बो के जांबाजों ने कोलकाता के इडन गरडस पर सात साल पहले अंजाम दिए गए अपने ही कारनामे को दोहरा कर फिर से आस्ट्रेलिया को विश्व रिकार्ड बनाने से भी रोक दिया। इस हार के बाद आस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान रिकी पोंटिंग संयमित दिखने का काफी प्रयास कर रहे थे, लेकिन चेहरा बता रहा था कि इस हार ने उन्हें कितना व्यथित कर दिया है। दुनिया के सबसे तेज कहलाने वाले विकेटों में से एक वाका पर बेहतरीन तेज आक्रमण के साथ उतरे पोंटिंग को तो यकीन ही नहीं हो रहा होगा कि टीम इंडिया के जांबाजों ने लगातार 17 टेस्ट जीत विश्व रिकार्ड बनाने का उनका सपना तोड़ दिया है। मेजबान टीम सन् 2005 में हुई एशेज श्रंखला के बाद पहली बार हारी है। इस जीत के साथ ही दो संयोग भी भारत के खाते में जुड़ गए।पहला-सात वर्ष पहले सौरभ गांगुली की टीम ने स्टीव वा के लगातार 16 टेस्ट जीतने के अभियान को थामा था। दूसरा-आस्ट्रेलिया अपनी धरती पर 2003 के बाद कोई टेस्ट हारा है और तब भी भारत ने ही उसे एडिलेड में धूल चटाई थी।ड्ढr ड्ढr भारत ने तीसरे टेस्ट में चौथे दिन के तीसरे सत्र में 413 रन के विजयी लक्ष्य का पीछा कर रही आस्ट्रेलियाई टीम को 340 रन पर निपटाकर 72 रन से सनसनीखेज जीत दर्ज कर चार मैचों की श्रखंला में स्कोर 2-1 कर दिया है। अगले हफ्ते एडिलेड में आखिरी मुकाबला होगा। यहाँ का मैदान भारत के लिए भाग्यशाली भी रहा है। अगर यह मैच भी भारत जीत लेता है तो वह श्रंखला बराबर कर लेगा। इरफान पठान को पूरे मैच में गेंद और बल्ले से शानदार प्रदर्शन के लिए मैन आफ द मैच घोषित किया गया। ऑस्ट्रेलिया ने शुक्रवार के दो विकेट पर 65 रन से आगे खेलना शुरू किया लेकिन उसके लिए 413 रन का लक्ष्य अंत तक पहाड़ साबित हुआ। पोंटिंग ने 45 रन, माइक हसी ने 46 रन, माइकल क्लार्क ने सर्वाधिक 81 रन, मिशेल जानसन ने नाबाद 50 रन और स्टुअर्ट क्लार्क ने 32 रन बनाए लेकिन वे दृढ संकल्प के साथ खेल रही टीम इंडिया को जीतने से नहीं रोक सके। इरफान पठान को पूरे मैच में गेंद और बल्ले से शानदार प्रदर्शन के लिए मैन आफ द मैच घोषित किया गया। पठान ने ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में 43 रन पर तीन विकेट, रुद्र प्रताप सिंह ने रन पर दो विकेट, कप्तान कुंबले ने रन पर दो विकेट, वीरेन्द्र सहवाग ने 24 रन पर दो विकेट और इशांत शर्मा ने 63 रन पर एक विकेट लिया। ऑस्ट्रेलिया मेलबोर्न और सिडनी में पहले दो मैच जीतने के बाद इस मैच में लगातार 17 टेस्ट जीत का विश्व रिकॉर्ड बनाने के प्रबल दावेदार के रूप मंे उतरा था लेकिन भारत ने एक दिन से अधिक का समय शेष रहते उसे जमीन सुंघा दी। ऑस्ट्रेलिया का आखिरी विकेट गिरते ही भारतीय खिलाड़ियों ने खुशी से एक दूसरे को गले लगा लिया और स्टेडियम में मौजूद भारतीय समर्थकों में जैसे जश्न मनाने की होड़ लग गई। ऑस्ट्रेलिया आखिरी बार अगस्त 2005 में ट्रेंट ब्रिज में इंग्लैंड के खिलाफ चौथे एशेज टेस्ट में हारा था। अपनी जमीन पर ऑस्ट्रेलिया ने आखिरी पराजय दिसंबर 2003 में एडीलेड में भारत के खिलाफ झेली थी। भारत ने स्टीव वा की टीम के लगातार 16 टेस्ट जीतने के रिकॉर्ड को कोलकाता के ईडन गार्डन में वर्ष 2001 में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के साथ थामा था।ड्ढr पोंटिंग की टीम ने सिडनी में विवादास्पद टेस्ट में जीत के साथ ही उस रिकॉर्ड की बराबरी कर ली थी लेकिन पर्थ में वे नया रिकॉर्ड से चूक गए। ऑस्ट्रेलिया ने चौथे दिन दो विकेट पर 65 रन से आगे शुरुआत की। उसे उम्मीद थी कि उसके बल्लेबाज वाका की पिच पर शेष रन बना लेंगे। लेकिन उसकी इन उम्मीदों को उस समय गहरा झटका लगा जब कप्तान पोंटिंग सुबह के सत्र में 45 रन बनाने के बाद युवा तेज गेंदबाज इशांत शर्मा की गेंद पर राहुल द्रविड़ को पहली स्लिप में कैच दे बैठे। इशांत ने पोंटिंग को पहली पारी में भी आउट किया था। इस युवा गेंदबाज के लिए यह टेस्ट एक बहुत बड़ी उपलब्धि माना जा सकता है कि उसने दुनिया के बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक पोंटिंग का विकेट दोनों पारियों में लिया।ं

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  • Web Title: पर्थ में कंगारुआें का गुरुर जमींदोज