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रिलायंस पावर का शेयर 450 रुपए का

अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस पावर के एक शेयर की कीमत 450 रुपए होगी। हालाँकि 20 रुपए प्रति शेयर की छूट के साथ यह निजी निवेशकों को 430 रुपए पर मिलेगा। कंपनी के अध्यक्ष अनिल अंबानी ने शनिवार को बताया कि देश के इस सबसे बड़े आईपीओ के जरिए अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बन गई है।ड्ढr ड्ढr नौकरी में मृत्यु पर आवास ऋण का सूद माफ होगाड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। आवास ऋण लेने वाले सरकारी कर्मचारी-पदाधिकारी की सेवाकाल में मृत्यु हो जाने पर ब्याज माफ कर दिया जायेगा। विशेष कार्य बल (एसटीएफ) में तैनात आईजी से लेकर चतुर्थवर्गीय कर्मचारी (लेखापाल को छोड़कर) तक को अब प्रतिमाह उनके मूल वेतन की 30 प्रतिशत राशि बतौर ‘विशेष भत्ता’ मिलेगा। सूक्ष्म एवं लघु उद्योगोंको पुनर्जीवित करने के लिए विशेष पैकेज दिया जायेगा। साथ ही दूरदराज के इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए 160 करोड़ रुपये की लागत से नये स्वास्थ्य उप कन्द्रों का निर्माण होगा। शनिवार को 1, अणे मार्ग में हुई बैठक में कैबिनेट ने उक्त निर्णयों समेत 25 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी।कार्य विभागों में तैनात कनीय अभियंता को सेवा में आने के पूर्व या सेवा में आने के बाद एएमआईई अथवा समकक्ष अर्हता प्राप्त कर लेने पर सहायक अभियंता में प्रोन्नति मिल जायेगी। राज्यकर्मियों को एसीपी का लाभ देने के लिए भी नियमों में फेरबदल किया गया है। आईटीआई में 142 अनुदेशकों को कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर बहाल किया जायेगा। निर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए निर्माण उद्योग विकास परिषद (सीआईडीएस) का बिहार चैप्टर खुलेगा। परिषद पर निर्माण क्षेत्र का अन्तरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकास की योग्यता व गुणवत्ता को बरकरार रखने की जवाबदेही होगी। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य प्रक्षेत्र में भवन निर्माण के लिए स्पेशल परपज ह्वेकिल बनेगा। राज्य के 121 नवसृजित प्रखंडों में प्रखंड सह अंचल कार्यालय की स्थापना के लिए 713.54 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गयी।बैठक के बाद संसदीय कार्य सचिव अखिलेश्वर प्रसाद गिरी ने बताया कि सरकारी सेवक की सेवाकाल में मृत्यु हो जाती है और अगर उनके लिये गये गृह निर्माण अग्रिम के ब्याज का पूर्ण अथवा आंशिक हिस्से का भुगतान नहीं किया गया है तो मृत्यु की तिथि के बाद शेष ब्याज की वसूली नहीं होगी। इस व्यवस्था के लिए वित्त विभाग के वर्ष 2000 के संकल्प में संशोधन किया गया है। पुराने संकल्प के प्रावधानों की वजह से सेवाकाल में ही मूलधन पूर्ण रूप से लौटा देने वाले सरकारी सेवक की मृत्यु हो जाने पर भी ब्याज माफ नहीं होता था। दूसरी ओर सेवाकाल में मूलधन बकाया छोड़कर ही गुजर गये कर्मियों की ब्याज माफी हो जाती थी। इसी प्रकार कर्मचारियों की एसीपी नियमावली में संशोधन करते हुए यह व्यवस्था की गयी है कि अगर एक संवर्ग से दूसरे संवर्ग में प्रोन्नति का प्रावधान हो तो इस संवर्ग के सरकारी सेवक को दूसरे संवर्ग के निम्नतम वेतनमान में वित्तीय लाभ देय होगा। दूसरे संवर्ग के निन्मतम वेतनमान से अगले उच्चतर पद का वेतनमान द्वितीय उन्नयन के रूप में अनुमान्य होगा। कनीय अभियंता जिन्होंने सेवा में आने के पूर्व या सेवा में आने के बाद एएमआईई अथवा समकक्ष अर्हता प्राप्त कर ली हो उन्हें पांच साल की नौकरी के बाद सहायक अभियंता में प्रोन्नति मिल जायेगी। प्रोन्नति सूची तैयार करने में कनीय अभियंता संवर्ग में डिग्रीधारी वरीय कनीय अभियंता को डिग्रीधारी कनीय व कनीय अभियंता से अधिक तरजीह मिलेगी। बगैर सूचना के ही पांच वर्षो से गायब नौहट्टा के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. गुलाम रब्बानी को बर्खास्त कर दिया गया है।ड्ढr सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को पुनर्जीवित करने के लिए कैबिनेट ने बिहार राज्य सूक्ष्म एवं लघु उद्योग पुनर्वास विधेयक को मंजूरी दी है। इसके तहत उद्यमियों को विशेष पैकेज दिया जायेगा। साथ ही उद्योग निदेशक की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय समिति बनाई गयी है। इसमें भारतीय रिजर्व बैंक, वाणिज्यिक व अन्य बैंक, इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, उद्योग विशेषज्ञ और सरकार के प्रतिनिधि शामिल होंगे। चालू वित्तीय वर्ष में 1नये स्वास्थ्य उप कन्द्रों के निर्माण के लिए 120 करोड़ रुपये राज्यांश भुगतान को मंजूरी मिली है। लगभग 188 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले स्वास्थ्य उप कन्द्रों के लिए केन्द्र सरकार को 66 करोड़ रुपये देने हैं। निर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए निर्माण उद्योग विकास परिषद (सीआईडीएस) का बिहार चैप्टर खुलेगा। इसके माध्यम से सरकारी संस्थाओं, सार्वजनिक व निजी एजेंसियों, बिल्डर, ठेकेदार, वैज्ञानिक, तकनीकी प्रशिक्षण संस्थानों, डिजायनरों, वास्तुविदों और परामर्शियों को एक प्लेटफार्म पर लाया जायेगा। पटना नगर निगम को बकाया बिजली बिल भुगतान के लिए 16 करोड़ रुपये और बिहार न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों को वेतन भुगतान के लिए 13.0 करोड़ रुपये दिये गये हैं। लखीसराय में क्वाट्र्ज-क्वाट्जाइट खान में शर्तो को तोड़ने के आरोप में आईडीआईओ कन्स्ट्रक् शन एण्ड इन्डस्ट्रीज (इंडिया) लि. का पट्टा रद्द कर दिया गया है। सिंचाई के लिए 5 घंटे बिजलीड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को सिंचाई के लिए दिन में कम से कम पांच घंटे बिजली दी जाएगी। राज्य सरकार ने बिजली की कम उपलब्धता के बावजूद सभी ग्रिडों को कुछ न कुछ बिजली देने का फैसला किया है। इसके लिए हरक्षेत्र में चरणबद्ध रूप में लोड शेडिंग की जाएगी। यही नहीं वीआईपी इलाकों के साथ-साथ बड़े उपभोक्ताओं की भी बिजली में कटौती होगी। शनिवार को ऊर्जा मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव ने अपने आवास पर ऊर्जा विभाग और बिहार बिजली बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में ऊर्जा सचिव राजेश गुप्ता के अलावा बिजली बोर्ड के अध्यक्ष स्वपन मुखर्जी, सदस्य आर.के. शर्मा शामिल हुए। उधर देर शाम फरक्का की 500 मेगावाट की एक इकाई में उत्पादन ठप हो जाने से राज्य का बिजली संकट और गहरा गया है। देर रात केन्द्रीय प्रक्षेत्र से बिहार को मात्र 700 मेगावाट बिजली ही मिली, जबकि शुक्रवार को सूबे को 806 मेगावाट बिजली की आपूर्ति हुई थी। ऐसे में शाम होते ही सूबे की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई। सूबे में गहराते बिजली संकट के मद्देनजर ऊर्जा मंत्री ने स्वयं इसकी मानीटरिंग शुरू कर दी है। उन्होंने बिजली बोर्ड को सभी क्षेत्र में समानुपातिक रूप में बिजली आपूर्ति का निर्देश दिया और प्रमंडल स्तर पर आपूर्ति की मात्रा निर्धारित करने को कहा है। इस आधार पर ही राज्य के सभी 62 ग्रिडों को बिजली की आपूर्ति की जाएगी। ऊर्जा मंत्री ने बिजली बोर्ड को जरूरत के हिसाब से सभी ग्रिडों को बिजली देने और ग्रिड से सब स्टेशनों को आपूर्ति के लिए विशेष निर्देश देने को कहा। उन्होंने इस संबंध में स्पष्ट चेतावनी दी कि ग्रिड में कार्यरत कर्मचारी बिजली आपूर्ति में मनमानी न करें और बोर्ड मुख्यालय के निर्देशों का पालन करें। उन्होंने इस मामले में नाराजगी प्रगट की कि सब स्टेशनों में अपने तरीके से आपूर्ति का सिस्टम बना लिया गया है। ऐसे लोगों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का भी उन्होंने निर्देश दिया। उन्होंने सेन्ट्रल लोड डिस्पैच (सीएलडी) से अक्षम कर्मचारियों को तत्काल हटाने को भी कहा। ऊर्जा मंत्री के निर्देश के बाद बिजली बोर्ड ने दिन में 11 बजे से शाम 4 बजे तक गांवों में कृषि कार्य के लिए बिजली की आपूर्ति करने का निर्णय लिया है। इस समय गेहूं की फसल को पानी की जरूरत है। इसके अलावा सुबह में शहरी क्षेत्रों में जहां पेयजलापूर्ति की व्यवस्था है, को बिजली दी जाएगी। बिजली बोर्ड ने अपने बड़े उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति में कटौती का भी निर्णय लिया है। बोर्ड ऐसे लोगों की सूची तैयार कर रहा है, जिनकी ऑफ पीक आवर में बिजली कटौती की जा सकती है।ड्ढr ड्ढr उधर केन्द्रीय प्रक्षेत्र से कटौती के कारण बिहार में देर रात बिजली संकट और गहरा गया। दिन में जहां 806 मेगावाट बिजली आपूर्ति हो रही थी, वहीं शाम छह बजे फरक्का की एक इकाई ठप होने के कारण आपूर्ति घटकर महज 700 मेगावाट रह गई। इसके अलावा बरौनी से 70 मेगावाट बिजली का उत्पादन हुआ। देर रात बिजली बोर्ड ने सूबे के सभी ग्रिडों को थोड़ी-थोड़ी बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की। इसके तहत पटना को 320 मेगावाट बिजली दी गई, जबकि भागलपुर को 35 मेगावाट। इसके अलावा अन्य ग्रिडों में बिहारशरीफ को 30 मेगावाट, कहलगांव को 12, गया को 30, बोधगया को 8, मुजफ्फरपुर को 35, पूर्णिया को 20, सहरसा को 20, आरा को 12, सासाराम को 10, छपरा को 10, मुंगेर को 12, दरभंगा को 15 और बेगूसराय को 14 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की गई। इसके अलावा अन्य छोटे ग्रिडों को भी कुछ-कुछ बिजली दी जा रही थी।ं

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