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हिंद महासागर में चौधराहट नहीं चाहता भारत

भारतीय नौसेना ने सोमवार को स्पष्ट किया कि उसने पश्चिमी प्रशांत नौसैनिक सम्मिलन की तर्ज पर हिंद महासागर की ताकतों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया है, लेकिन उसका मकसद इस क्षेत्र में अपनी चौधराहट का झंडा गाड़ना नहीं है। भारतीय नौसेना में विदेश संपर्क एवं इंटेलीजेंस का जिम्मा संभाल रहे सहायक नौसेना प्रमुख रियर एडमिरल प्रदीप चौहान ने कहा कि 14 से 16 फरवरी तक होने वाले इस सम्मेलन में हिंद महासागर के तटवर्ती देशों के 31 में से 30 देश हिस्सा ले रहे हैं। लेकिन उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन को भारत एक परस्पर सहयोग और सहकारिता पर आधारित मंच के रूप में बदलना चाहता है और उसकी अगुवाई करने या अपना रूतबा कायम करने काड्ढr हमारा कोई इरादा नहीं है। नौसेना की यह सफाई ऐसे समय आई है जब चीन इस पूरे घटनाक्रम को टेढ़ी निगाह से देख रहा है। हिंद महासागर से संबद्ध नहीं होने की वजह से चीन को इस सम्मेलन में नहीं बुलाया गया है, जबकि उसका खास दोस्त पाकिस्तान इसमें भाग लेने की पुष्टि कर चुका है। एडमिरल चौहान ने कहा कि घरेलू कारणों से पाकिस्तान के नौसेना प्रमुख इसमें नहीं आ सकेंगे लेकिन पाकिस्तान की इसमें हस्सेदारी होगी।

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  • Web Title: हिंद महासागर में चौधराहट नहीं चाहता भारत