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हुई थी भूपति को फिक्स करने की कोशिश

भारत के पूर्व ग्रैंड स्लैम टेनिस चैम्पियन महेश भूपति ने कहा है कि 10 के दशक के बीच में मैच फिक्स करने के लिए टेलीफोन किया गया था। पुरुष और मिश्रित युगल में 10 ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुके भूपति ने कहा, ‘10 या 12 साल पुराना यह मामला किसी एटीपी टूर्नामेंट से संबंधित नहीं है। मुझसे भारत में डेविस कप के एक मुकाबले के दौरान नतीजा फिक्स करने के लिए संपर्क किया गया था।’ इसके फौरन बाद मैंने फोन नंबर बदल लिया था और फिर कभी भी मुझे इस तरह का फोन नहीं आया। मैं इस बात से काफी परेशान हो गया था।’ फ्रांस के आर्नो क्लेमे समेत कई पुरुष और महिला खिलाड़ी पहले भी मैच फिक्िसंग के लिए संपर्क किए जाने की बात स्वीकार कर चुके हैं। एसोसिएशन आफ टेनिस प्रोफेशनल्स (एटीपी) विश्व के नंबर चार खिलाड़ी रूस के निकोलाई देविदेन्को और अर्जेन्टीना के मार्टिन वसालो एक्र्वेलो के बीच पिछले अगस्त में पोलैंड में खेले गए एक मैच की इस सिलसिले में जांच भी कर रहा है। देविदेन्को तीसरे सेट में 2-1 के स्कोर पर पैर में चोट की बात कह कर इस मैच से हट गए थे। ब्रिटेन की सट्टेबाजी कंपनी बेटफेयर ने इस मैच के सट्टे में अनियमितता दिखाई देने पर रद्द कर दिया था। इटली के तीन खिलाड़ियों पोटिटो स्टारेस, एलेसियो डी मौरो और डैनिएल ब्रासिएली को टेनिस मैचों पर सट्टा लगाने के आरोप में हाल ही में निलंबन और जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। भूपति ने कहा, ‘इस तरह के मामलों से खेल की छवि धूमिल होती है और यह टेनिस के लिए बहुत दुखद है।’ उन्होंने कहा, ‘मैं उम्मीद करता हूं कि एटीपी इस तरह के मामलों पर अंकुश लगाने के प्रभावी उपाय खोज लेगा। मैच फिक्िसंग में शामिल पाए जाने पर खिलाड़ियों को दंडित किया ही जाना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘टेनिस एक महान खेल है और हमें इसकी पवित्रता को बनाए रखने की हरसंभव कोशिश करनी चाहिए।’

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