class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

आरटीआई नियमों में खामी, निर्देश देने से इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने सूचना के अधिकार कानून पर अमल के लिए विभिन्न उच्च न्यायालयों द्वारा तैयार नियमों में व्याप्त भिन्नता के मद्देनजर इनमें एकरूपता के लिए न्यायालयों को कोई भी निर्देश देने से इनकार कर दिया है। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति के.जी. बालाकृष्णन की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय खण्डपीठ के समक्ष सोमवार को ‘पब्लिक कॉज रिसर्च फाउण्डेशन’ की वकील कामिनी जायसवाल ने विभिन्न उच्च न्यायालयों द्वारा सूचना के अधिकार कानून के तहत सूचना मुहैया कराने के बारे में तैयार नियमों की खामियों की आेर ध्यान आकर्षित किया। न्यायाधीशों का इस मामले में कड़ा रुख देख सुश्री जायसवाल ने यह जनहित याचिका वापस ले ली। इससे पहले, सुश्री जायसवाल का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट को उच्च न्यायालयों में अपनाए जाने वाले नियमों में एकरूपता लाने के लिए दिशा निर्देश जार करने चाहिए। उन्होंने कहा कि सूचना प्राप्त करने की अर्जी के साथ दिए जाने वाले शुल्क से लेकर कई बिन्दुआें पर हाई कोर्ट के नियम सूचना के अधिकार कानून के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। सुश्री जायसवाल के तमाम तकर्ो से असहमति व्यक्त करते हुये न्यायाधीशों ने हाई कोर्ट को कोई निर्देश देने से इनकार कर दिया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: आरटीआई नियमों में खामी, निर्देश से इनकार