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किंग व धोनी की राय से हुए गांगुली बाहर

भारतीय टीम के ट्रेनर ग्रेगरी किंग की रिपोर्ट और कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी व उपकप्तान युवराज सिंह की राय के आधार पर ही चयनकर्ताआें को सौरभ गांगुली को एकदिवसीय त्रिकोणीय सीरीज के लिए टीम से बाहर करने को प्रेरित किया होगा। टीम की फिटनेस पर नजर रखने वाले किंग का मानना है कि गांगुली का निचला हिस्सा थोड़े समय में ही तकलीफ देने लगता है और इसी बात ने खब्बू बल्लेबाज के भविष्य पर ताला लगा दिया। चयनकर्ता गत सप्ताह पर्थ टेस्ट मैच के दूसरे दिन तक गांगुली को रखे जाने के पक्ष में थे। इसके बाद उन्होंने राहुल द्रविड़ की वापसी पर विचार किया, यह सोचकर की रॉबिन उथप्पा और रोहित शर्मा ने घरेलू क्रिकेट में ज्यादा रन नहीं बनाए हैं। लेकिन धोनी की सोच अलग थी और उन्होंने चयनकर्ताआें को बताया कि किसी ऐसे खिलाड़ी को रखने का कोई मतलब नहीं है जो एकदिवसीय सीरीज में बीच मंे ही टूट सकता है। गांगुली के खिलाफ तर्क में यह बात भी शामिल थी कि आउट फील्ड और इनफील्ड में ज्यादा उपयोगी नहीं हैं और 40 आेवर के बाद उनकी फिटनेस समस्या बन जाती है। यह पता चला है कि वेंगसरकर ने गांगुली के रन बनाने की क्षमता की बात को उठाया। इसकी काट के रूप में युवा भारतीय एकदिवसीय कप्तान की यह राय रही कि उन्हें इस बात का भरोसा नहीं है कि ऑस्ट्रेलिया की पिचें इतनी तेज रहेंगी। इसके अलावा उनके खिलाड़ी किंग्समीड और डरबन जैसी पिचों पर मोर्चा संभालने में सक्षम हैं। यह सब वे पिछले वर्ष सितंबर में ट्वेंटी20 विश्व कप में दिखा चुके हैं। 20-20 मैच के एकदिवसीय क्रिकेट से अलग होने का तर्क चल नहीं पाया। वेंगसरकर ने खुद को हल्का पड़ता देख मांग की कि पर्थ टेस्ट के चौथे दिन इस पर बात की जाए। तब धोनी और युवराज भी टेलीकांफ्रेंस में शामिल हुए। युवराज ने भी इस बात पर विरोध नहीं जताया कि गांगुली जो रन बनाते हैं उसके लिए वह उपयोगी हैं। लेकिन उनका मानना था कि बंगाल टाइगर की फील्डिंग योग्यता बड़ी समस्या है।ड्ढr इसके बाद यह निष्कर्ष निकाल लिया गया कि एकदिवसीय सीरीज में गांगुली की जरूरत नहीं है। रंजीब बिस्वाल को यह खबर गांगुली को देने का कार्य सौंपा गया। बिस्वाल ने भारतीय टेस्ट कप्तान अनिल कुंबले को इस घटनाक्रम के बारे में बताया था।ड्ढr कुंबले ने ही बिस्वाल को जोर देकर कहा कि वह इस खबर को गांगुली तक पहुंचाए। भारतीय ड्रेसिंग रूम से यह भी यह बात निकली कि पाकिस्तान के खिलाफ घरेलू एकदिवसीय सीरज मंे गांगुली की फिटनेस एक मुद्दा थी।ड्ढr यह बात उस समय पूरी तरह से बड़ा मुद्दा ने बन सकी थी, क्योंकि गांगुली ने जबर्दस्त फॉर्म दिखाई थी।ड्ढr यह माना जा रहा है कि गांगुली को इस बात का अहसास था कि उन्हें टीम से दरकिनार किया जा रहा है, इसलिए उन्होंने चयनकर्ताआें से बात की भी कि उन्हें कम से से कम ऑस्ट्रेलिया में एक बड़ी एकदिवसीय सीरीज तक झेल लिया जाए।

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  • Web Title: किंग व धोनी की राय से हुए गांगुली बाहर