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डीएनए से खुलेगा अंतिम जार के परिजनों का राज

यूराल पहाड़ों पर मिले दो लोगों के अस्थि अवशेषों की ताजा डीएनए जांच से रूसी जार परिवार के संभावित वंशजों के दशकों पुराने रहस्य से परदा उठ सकता है। जार परिवार का 1में बोल्शेविकों द्वारा सफाया कर दिया गया था। उसके बाद से उसके परिवार के किसी सदस्य के बचे रहने को लेकर लगातार रहस्य बना रहा है। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने कहा कि अवशेषों से प्राप्त डीएनए के शुरुआती नतीजे दिखाते हैं कि ये अवशेष 13 वर्षीय राजकुमार अलेक्सेई और उसकी 1वर्षीया बहन मारिया के हैं। उन्हें सोवियत क्रांति के दौरान उनकी मां, तीन बहनों और पिता जार निकोलस द्वितीय के साथ गोली मार दी गई थी। निकोलस द्वितीय रूस का अंतिम जार था। लेकिन इन दोनों बच्चों की अस्थियां उनके परिवार के अन्य सदस्यों की कब्रों के पास नहीं मिली थीं। इससे इस अनुमान को बल मिला कि वे संभवत: बच निकले थे। बाद में कई लोगों ने खुद को निकोलस की संतान बतलाया। ऐसे लोगों ने इस बात के दावे किए वे मारे जाने से बच निकले थे और वे जार परिवार के जीवित सदस्य हैं। अब ब्रिटेन में शोधकर्ता प्राप्त डीएनए को ब्रिटिश शाही परिवार के सदस्यों के डीएनए से मिला कर देखने के इच्छुक हैं। गौरतलब है कि ब्रिटेन के प्रिंस फिलिप का जार निकोलस की पत्नी इम्प्रेस अलेंक्जेंड्रा के खानदान से ताल्लुक रहा है। प्रिंस फिलिप के डीएनए से पूर्व में मिले जार परिवार के अस्थि अवशेषों से प्राप्त डीएनए को मिला कर उनकी पहचान सुनिश्चित की जाएगी।

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