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सोचा भी नहीं था कि हमला होगा

इराक के तत्कालीन राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन ने दिसंबर 2003 में अमेरिकी सेना के हत्थे चढ़ने से पहले तक इस बात का भ्रम फैलाए रखा कि उसके पास व्यापक विनाश के हथियार मौजूद हैं क्योंकि उन्होंने यह सपने भी नहीं सोचा था कि अमेरिका इराक पर हमला भी कर सकता है। यह जानकारी अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई के एक एजेंट ने दी है। टेलीविजन चैनल सीबीएस को दिए साक्षात्कार में एफबीआई एजेंट जॉर्ज पायरो ने कहा कि सद्दाम ने अपनी गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के दौरान उनसे कहा था कि उन्होंने इराक के पास व्यापक विनाश के हथियार होने का भ्रम फैला रखा था ताकि ऐतिहासिक शत्रु ईरान कोई भी सामरिक कदम उठाने से पहले एक बार सोचने पर मजबूर हो। पायरो के अनुसार, सद्दाम ने मुझे बताया कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के इरादों का सही आंकलन नहीं कर सके। उन्होंने सोचा था कि अमेरिका उसी तरह का हमला करेगा जैसा इराक ने उस पर 1में किया था। यह पूछे जाने पर क्या सद्दाम को यह भरोसा नहीं था कि अमेरिका हमला करेगा तो उन्होंने कहा, ‘नहीं, शुरू में नहीं।’ उल्लेखनीय है कि इराक पर हमले से पहले बुश सरकार ने बार-बार कहा था कि इराक के पास प्रतिबंधित हथियारों का जखीरा मौजूद हैं जिनसे पड़ोसी देशों और अमेरिका के हितों को खतरा है। हालांकि यह साफ हो चुका था कि सद्दाम के पास व्यापक विनाश के हथियार मौजूद नहीं हैं, फिर भी अपदस्थ राष्ट्रपति ने यह रहस्य बरकरार रखा था। एफबीआई एजेंट ने बताया, सद्दाम के लिए यह महत्वपूर्ण था कि वह खुद को मजबूत दिखाएं। सद्दाम का मानना था कि इससे वह ईरान को इराक पर फिर से हमला करने से बचा सकते थे।

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