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महंगा न पड़ जाए सस्ता पीसी

अगर आप बाजार में पर्सनल कंप्यूटर की बेहद कम कीमतें देखकर खुश हो रहे हों तो इसे खरीदने से पहले अच्छी तरह जांच-पड़ताल जरूर कर लें। दरअसल यह सस्ता पीसी आपको महंगा पड़ सकता है, क्योंकि इसमें काफी कुछ ऐसा है, जिसकी कीमत आपको बाद में चुकानी पड़ सकती है। अब जरा इस तथ्य पर गौर फरमाएं सभी सस्ते लैपटॉप और डेस्कटॉप लाइनेक्स ऑपरेटिंग सिस्टम या डॉस वर्जन के साथ आते हैं जो अब एक तरह से आउटडेटेड हो चुके हैं। अब यदि इस पीसी को माइक्रोसॉफ्ट ऑपरेटिंग सिस्टम तथा ऑफिस पैकेज से लैस कराया जाए तो इसकी कीमत 20 से 35 फीसदी तक बढ़ जाएगी। यह बात अलग है कि भारत में जहांीसदी कंप्यूटर यूजर माइक्रोसॉफ्ट ऑपरेटिंग सिस्टम और एम.एस. ऑफिस में काम करते हैं, 70 फीसदी एम.एस. ऑपरेटिंग सिस्टम और 0 फीसदी एस.एस. ऑफिस पाइरेटेड है। अब सवाल उठता है कि फ्री लाइनेक्स ऑपरेटिंग सिस्टम में क्या बुराई है? यह ऑपरेटिंग सिस्टम तो फ्री है लेकिन यह तब तक सपोर्ट नहीं करता जब तक रेड हैट या नोवेल से इंस्टाल न कराया जाए जिस पर सपोर्ट व मेंटीनेंस के लिए शुल्क लगता है। एचसीएल का ‘माइलीप’ लाइनेक्स ऑपरेटिंग सिस्टम और सात इंच की स्क्रीन के साथ है, वहीं अलाइड कंप्यूटर्स का एसीआई एथोस 7 मॉडल डॉस वर्जन के साथ है।

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