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पंचाने व बलदेइया नदियों में बाढ़, फसल नष्ट

पंचाने नदी में आए उफान से नालंदा जिले में लाखों रुपए की खड़ी फसल नष्ट हो गयी। बिहारशरीफ के आशानगर, हेगनपुरा, छोटी पहाड़ी, सलेमपुर, सिंगारहाट में बाढ़ की स्थिति बन गयी है। दूसरी आेर दो दिनों तक रूक-रूककर हुई बारिश से जहानाबाद की बलदेइया नदी में भी बाढ़ आ गई है। गुरूवार की रात अचानक आयी बाढ़ का पानी अरवल के रतनी प्रखंड के कई गांवों के खेतों में फैल गया।ड्ढr ड्ढr खेतों में पानी फैलने से रबी फसलों की क्षति होने से किसान चिंतित हैं। रतनी प्रखंड की उचिटा पंचायत के धरमपुर ,लालूविगहा, गगनकुरा आदि गांवों के उचिटा पंचायत की मुखिया सईदा अहमद ने इस बावत जिलाधिकारी को लिखित सूचना देकर रबी फसल की क्षति का आकलन करा किसानों को समुचित सहायता देने की मांग की है। रतनी -फरीदपुर प्रखंड विकास मंच के अध्यक्ष बबन शर्मा ने बताया कि अचानक बाढ़ आ जाने से नोआवां स्लुइस गेट से नोआवां का पूर्वी क्षेत्र, श्रीविगहा का पश्चिमी एवं बढ़ौना का उत्तरी भाग जलमग्न हो गया है। इस कारण सैकड़ों बिघा खेतों में लगी मसूर, चना, खेसारी, मटर एवं गेहूं फसल पानी से भर गया है।ड्ढr ड्ढr उधर, नालंदा में किसानों द्वारा मुआवजे की मांग को लेकर सोहसराय छिलका के समीप सड़क जाम की गई। नदी में उफान आ जाने से शहर के उक्त मुहल्लों के कई घरों में पानी घुस गया है। सोहसराय छिलके के ऊपर से पानी बह रहा है जिससे आवागमन बाधित हो गया है। गुरूवार की रात पंचाने नदी में आयी बाढ़ से आलू ,प्याज, सरसों व गेहूं की अधिकांश खड़ी फसलें नष्ट हो गयी हैं। खेतों में पानी फैल गया है। पानी में ही आनन-फानन में किसान आलू उखाड़ने में जूट गये हैं। किसानों द्वारा विरोध प्रदर्शन किये जाने की खबर पर नगर निगम के महापौर दिनेश कुमार, सदर एसडीओ शेखरचन्द्र वर्मा, अंचलाधिकारी मो. खब्बीर ने किसानों के बीच पहुंचकर आशानगर तथा सोहसराय छिलका पर शीघ्र पुल निर्माण किये जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने प्रदर्शन बंद किया। एनएच 31 से पचौड़ी मार्ग के बीच गुजरने वाली पंचाने नदी में चौथी बार आए उफान से लखरामां, जोरारपुर, पचौड़ी, जमालीचक, श्यामनगर समेत दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क भंग हो गया है।ड्ढr ड्ढr नहर के पानी से तबाह हुई सैकड़ों एकड़ की फसलड्ढr बेलदौर (खगड़िया) (ए.सं.)। प्रखंड की उत्तरी सीमा से गुजरने वाली नहर के पानी का कहर तीसरे दिन भी जारी है जिससे कृषकों में त्राहिमाम मचा हुआ है। जल संसाधन विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा टूटे नहरों को बांधने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है जिससे कृषकों में आक्रोश गहराता जा रहा है। ज्ञातव्य हो कि प्रखंड की उत्तरी सीमा से गुजरने वाली बड़ी नहर बोबिल गांव के समीप पूर्व से टूटी रहने एवं नहर में पानी छोड़े जाने से बड़ा ही पुल के दोनों आेर 22 जनवरी की देर रात्रि से ही पानी का फैलाव हो रहा है। शुक्रवार तक लगभग बोबिल मौजे के सैकड़ों कृषकों के सात सौ एकड़ में लगी मक ई, गेंहू, सूर्यमुखी एवं दलहनी फसलों को नष्ट कर दिया हैं। कल तक जिस खेतों में हरियाली दिखाई दे रही थी आज वहां पर बाढ़ जैसा दृश्य उत्पन्न हो गया है।

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  • Web Title: पंचाने व बलदेइया नदियों में बाढ़, फसल नष्ट