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चाय वाले पंडितजी के नाम स्कॉलरशिप!

जाति क्षत्रिय। कॉलेज में नाम ‘पंडितजी’। काम शिक्षकों के लिए चाय की व्यवस्था करना। पहचान बेहतर मनुष्य की। इस तरह के व्यक्ितत्व वाले आनंद सिंह नेगी का अचानक गुजर जाना इन दिनों सत्यवती कॉलेज के शिक्षकों को बहुत खल रहा है। उनकी सरलता और सेवाभाव ऐसी रही कि उनकी याद मंे कॉलेज ने स्कॉलरशिप शुरू करने का फैसला लिया है। करीब 15 वर्ष पहले पौड़ी जिले एक गांव से राजधानी आया यह व्यक्ित सत्यवती कॉलेज से जुड़ा। उन्होंने पहले पहल किसी तरह प्रथम पाली में सहायक कर्मचारी के रूप में अपनी जगह बनायी। लगे हाथ दूसरी पाली के स्टॉफ रूम में चलने वाले टी क्लब का भी जिम्मा संभाला। पंडितजी ने अपने व्यवहार से जल्द ही शिक्षकों के दिल में अपने लिए जगह बना ली। किसे कैसा व्यवहार और चाय पसंद है, इसके पारखी बन गये। चाय के अलावा शिक्षकों के निजी जीवन के भी सुख-दुख के साथी बन गये। ऐसे व्यक्ितत्व की कद्र खूब होने लगी। पिछले दिनों 18 जनवरी को गंभीर बीमारी से उनका निधन हो गया। इस बीमारी का अचानक पता चला, उपचार के लिए कोई कुछ सोचता भी तो मौत की खबर आ गई। कॉलेज में ऐसे व्यक्ित की मौत पर स्टाफ एसोसिएशन ने फैसला लिया कि उनके नाम पर एक स्कॉलरशिप शुरू की जाए। प्राचार्य सतेन्दर जोशी ने बताया कि पंडितजी के एक बेहतर मनुष्य होने के नाते उनकी याद में स्कॉलरशिप शुरू करने का फैसला लिया गया है। शिक्षक अपने एक दिन का वेतन स्कॉलरशिप के लिए दे रहे हैं। यह करीब 1 लाख रुपया होगा। और इसके ब्याज से जो रकम मिलेगी वह स्कॉलरशिप के लिए चयनित छात्र को दिया जाएगा। ऐसा छात्र जो गरीब हो और अच्छा इंसान भी हो। जिसमें पंडितजी जैसे इंसान के गुण दिखे। पढ़ने में भी ठीक हो। हालांकि इस बाबत बनी कमेटी ही छात्र का चुनाव करेगी। कॉलेज के शिक्षक राजीव वर्मा, पंडितजी को याद करते हुए कहते हैं कि कॉलेज में एक ही सुखी व्यक्ित था, वह थे ‘पंडितजी’। उनके चेहरे पर कभी दुख का भाव नहीं दिखा। हालांकि वह दूसरे के दुख के क्षण के साथी जरूर बन जाते थे। कई बार दूसरे मौके पर भी वे हितैषी के रूप में नेक सलाह भी देते थे। इसलिए उनकी कद्र होती थी।

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