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होम लोन : अब सरकार देगी ब्याज पर सब्सिडी

सरकार शहरों में रह रहे गरीबों और कमजोर तबके के लोगों को सस्ता आवास ऋण उपलब्ध कराने के लिए ब्याज सहायता देगी। यह सहायता सीधे बैंकों को दी जाएगी। शहरी आवास और गरीबी उन्मूलन मंत्री शैलजा ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि ब्याज सहायता उपलब्ध कराने की इस योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसे जल्द ही लागू किया जाएगा। शहरी आवास और गरीबी उन्मूलन मंत्रालय ने सभी लोगों को सस्ते मकान दिलाने के लिए एक उच्च स्तरीय कार्यबल गठित किया है। दीपक पारेख की अध्यक्षता में गठित 12 सदस्यीय यह कार्यबल सस्ते मकान दिलाने सम्बन्धी सभी पहलुओं पर गौर करेगा। कार्यबल को 14 मई तक अपनीको 14 मई तक अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपने कोकहा गया है। शहरों में आवास की कमी दूर करने के लिए करीब दो करोड़ 47 लाख मकानों की जरूरत है। इसमंे से 0 प्रतिशत मकानों की जरूरत कमजोर वर्ग तथा अल्प आय वर्ग को है। सुश्री शैलजा ने कहा कि आवास की बढ़ती समस्या से सरकार अकेले नहीं निपट सकती। इसके लिए राज्यों, निजी और सहकारी क्षेत्र के सहयोग की जरूरत है। सुश्री शैलजा ने कहा कि शुरू में इस कार्यबल को कमजोर और अल्प आर्य वर्ग की समस्या से निपटने के लिए कहा गया था लेकिन अब वह समिति से मध्य आय वर्ग के लोगों की समस्या को हल करने के लिए सुझाव देने के लिए कहेंगी।ड्ढr ड्ढr उन्होंने माना कि मकानों की बढ़ती कीमतों के कारण मध्यम आय वर्ग के लिए अपने घर का सपना पूरा करना मुश्किल होता जा रहा है। भूमि राज्य का विषय है इसलिए उन्होंने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर अपनी आवास नीति और उसे लागू करने की कार्य योजना बनाने का अनुरोध किया है। नई आवास योजना के तहत उन्हें प्रत्येक नई सरकारी और निजी आवास योजना में 10 से 15 प्रतिशत भूमि कमजोर और निम्न आय वर्ग के लिए आरक्षित रखने को कहा गया है।रिपोर्ट सरकार को सौंपने कोकहा गया है। शहरों में आवास की कमी दूर करने के लिए करीब दो करोड़ 47 लाख मकानों की जरूरत है। इसमंे से 0 प्रतिशत मकानों की जरूरत कमजोर वर्ग तथा अल्प आय वर्ग को है। सुश्री शैलजा ने कहा कि आवास की बढ़ती समस्या से सरकार अकेले नहीं निपट सकती। इसके लिए राज्यों, निजी और सहकारी क्षेत्र के सहयोग की जरूरत है। सुश्री शैलजा ने कहा कि शुरू में इस कार्यबल को कमजोर और अल्प आर्य वर्ग की समस्या से निपटने के लिए कहा गया था लेकिन अब वह समिति से मध्य आय वर्ग के लोगों की समस्या को हल करने के लिए सुझाव देने के लिए कहेंगी।ड्ढr ड्ढr उन्होंने माना कि मकानों की बढ़ती कीमतों के कारण मध्यम आय वर्ग के लिए अपने घर का सपना पूरा करना मुश्किल होता जा रहा है। भूमि राज्य का विषय है इसलिए उन्होंने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर अपनी आवास नीति और उसे लागू करने की कार्य योजना बनाने का अनुरोध किया है। नई आवास योजना के तहत उन्हें प्रत्येक नई सरकारी और निजी आवास योजना में 10 से 15 प्रतिशत भूमि कमजोर और निम्न आय वर्ग के लिए आरक्षित रखने को कहा गया है।

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