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कई सीटों पर प्रत्याशी ज्यादाअधिक ईवीएम की जरूरत!

लोकसभा चुनाव में इस बार कई सीटें ऐसी होंगी जहां एक से अधिक ईवीएम की दरकार होगी। चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवारों की बढ़ती तादाद इसकी खास वजह बनी है। पहले ही चरण में कई ऐसी सीटें है जिसके लिए नामांकन के अंतिम दिन ताबड़तोड़ पर्चे दाखिल किए गए। सोमवार को रिकार्ड 112 उम्मीदवारों ने पर्चा दाखिल किया। इसमें अधिकतर निर्दलीय और छोटी पार्टियों के ही उम्मीदवार हैं। अकेल नवादा सीट के लिए ही सोमवार को 31 नामांकन किए गए। इसके पहले भी पहले चरण की 13 सीटों के लिए कई नामांकन हो चुके हैं। कुल 264 उम्मीदवारों ने पर्चा दाखिल किया है। तकनीकी तौर पर एक ईवीएम में 16 उम्मीदवार के नाम ही आ सकते हैं। इससे अधिक उम्मीदवार होते हैं तो फिर दूसरी बैलेट यूनिट का इस्तेमाल करना होगा। एक कंट्रोल यूनिट से अधिकतम 4 बैलेट यूनिट को जोड़ा जा सकता है। यानी किसी संसदीय सीट पर 64 उम्मीदवार लड़ रहे हैं तो चार बैलेट यूनिट तक इस्तेमाल हो सकता है। पहले चरण के लिए जिस तरह से नामांकन हुए हैं उससे तो यही लगता है कि कई सीटों पर एक बैलेट यूनिट से काम चलने वाला नहीं।ड्ढr पहले चरण के लिए नाम वापसी के पहले तक की जो तस्वीर है उससे यही लगता है कि सारण को छोड़कर गोपालगंज, सीवान, महाराजगंज, आरा, बक्सर, सासाराम, काराकाट, जहानाबाद, औरंगाबाद, गया, नवादा और जमुई संसदीय सीट के लिए दो बैलेट यूनिट की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि अगर कुछ उम्मीदवार अगर अपना नाम वापस ले लेते हैं तो शायद यह नौबत न भी आए। केंद्र व यूजीसी से जवाब-तलब पटना (वि.सं.)। विश्वविद्यालय शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा 62 से बढ़कर 65 वर्ष किए जाने संबंधी मामले में पटना हाईकोर्ट ने केन्द्र सरकार तथा यूजीसी से जवाब-तलब किया है। न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा की एकल पीठ ने मामले पर सुनवाई के बाद मंगलवार को केन्द्र सरकार एवं यूजीसी के वकील को जवाब हलफनामा दायर कर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया।ड्ढr पटना विश्वविद्यालय के पटना ट्रनिंग कालेज के प्राचार्य डा. जगदीश प्रसाद शर्मा तथा अन्य ने एक रिट याचिका दायर कर केन्द्र सरकार और यूजीसी के निर्णय के आलोक में सेवानिवृत की उम् सीमा 62 से बढ़कर 65 करने हेतु पटना विश्वविद्यालय को निर्देश दिए जाने का अनुरोध किया है। वरीय अधिवक्ता शशि अनुग्रह नारायण तथा विनय कृष्ण त्रिपाठी ने याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील पेश करते हुए कहा कि उम्र सीमा में बढ़ोतरी का निर्णय केन्द्र सरकार और यूजीसी ने ले लिया है। और इस बार में सभी राज्योन को सूचित भी कर दिया है। लेकिन अदालत का कहना था कि केन्द्र सरकार और यूजीसी का पक्ष सुनने के बाद ही कोई आदेश दिया जाना उचित होगा। सुनवाई के दौरान पटना विश्वविद्यालय के वकील अजय कुमार सिन्हा ने भी अपना पक्ष रखा। अदालत ने मामले की सुनवाई टालते हुए अगली तारीख 1 मई निर्धारित की है।

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