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उप्र में ‘संडे’ का जलवा

ॉमेडी फिल्म संडे साल-2008 की पहली ऐसी पहली फिल्म है, जिसके लिए राज्य के मल्टीप्लेसों और सिंगल स्क्रीन थियेटरों में टिकट लेने वालों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, कानपुर और लखनऊ के मल्टीप्लेक्सों में इस फिल्म के एक दिन मंे 10-10 शोज दिखाये जा रहे हैं। इससे पहले इस साल राजकुमार संतोषी की हल्ला बोल और नागेश कुक्कूनूर की बॉम्बे टू बैंकॉक रिलीज हुईं, पर ये फिल्में एक विशेष दर्शक वर्ग को ही अपनी तरफ खींच पाईं। रोहित शेट्टी की संडे में दशर्कों वो सबकुछ मिला जो एक मसाला फिल्म में होना चाहिए। इससे पहले रोहित की पिछली कॉमेडी फिल्म गोलमाल भी टिकट खिड़की पर भीड़ खीचने मंे कामयाब रही थी। राजधानी लखनऊ मंे यह फिल्म 4 मल्टीप्लेसों और दो सिंगल स्क्रीन थियेटरों में दिखाई जा रही है। गोमतीनगर स्थित आईनॉक्स की मैनेजर अनुराधा ने बताया कि संडे को 80 फीसदी आेपेनिंग मिली है। उन्हांेने कहा कि आजकल लोग तनाव दूर करने के लिए फिल्मंे देखने आते हैं। ऐसे में अगर कोई फिल्म उन्हें लगातार हंसाने मंे कामयाब हो जाती है तो समझो -प्रोड्यूसर्स की जेबंे भर गईं। दिल्ली स्थित डिस्ट्रीब्यूटर कंपनी पीपी एसोसिएट्स के मैनेजर कहते हैं कि पिछले काफी समय से दशर्कों का रुझा कॉमेडी की तरफ ज्यादा रहा है। ऐसे में कोई औसत कॉमेडी फिल्म भी अच्छा बिजनेस कर लेती है। कानपुर स्थित मल्टीप्लेक्स रेव-3 के मैनेजर मोहित के मुताबिक फिल्म में कॉमेडी और सस्पेंस का बहुत शानदार संतुलन है। इसीलिए यह फिल्म दशर्कों को पसंद आ रही है। उन्होंने कहा कि अगले दो सप्ताह कोई फिल्म नहीं रिलीज हो रही है। इसका भी फायदा संडे को मिलेगा।

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