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स्टेट हाइवे के निर्माण पर लग रहा ग्रहण

राज्य सरकार के राजमार्ग निर्माण पर भी ग्रहण लग रहा है। केन्द्र की शिथिलता का असर राज्य सरकार की परियोजनाओं पर अब दिखने लगा है। राज्य सरकार इसका सारा दोष केन्द्र सरकार पर मढ़ भी रही है। नेशनल हाइवे के जीर्णोद्धार का जिम्मा केद्र सरकार पर है, बावजूद राज्य सरकार ने अपने सामथ्र्य से पांच महत्वपूर्ण नेशनल हाइवे को फोरलेन बनाने का निर्णय किया है। राज्य सरकार की विशेष पहल पर आईडीएफसी एवं आईएलएफएस ने पांचों सड़कों को फोरलेन बनाने का जिम्मा भी स्वीकार कर लिया है।ड्ढr ड्ढr राज्य सरकार, पथ निर्माण विभाग एवं दोनों एजेंसियों के बीच त्रिपक्षीय समझौता के मुताबिक दोनों एजेंसियां इन पांचों सड़कों का निर्माण करेंगी। इनमें मुंगेर-भागलपुर एवं बख्तियारपुर-रजौली नेशनल हाइवे को फोरलेन बनाने का काम आईएलएलएफ को सौंपा गया है। वहीं औरंगाबाद-बिहटा, आरा मोहनिया और बिहारशरीफ-नालंदा-राजगीर-बोधगया नेशनल हाइवे की फोरलेनिंग आईडीएफसी को करनी है। पर जब तक इन सड़कों से जुड़े दूसरे नेशनल हाइवे को फोरलेन केन्द्र सरकार नहीं बनाएगी, तो इन सड़कों के बन जाने का कोई मतलब नहीं होगा। यह देखते हुए राज्य सरकार पसोपेश में है। पथ निर्माण मंत्री नन्दकिशोर यादव ने कहा कि पटना-बख्तियारपुर-मुंगेर नेशनल हाइवे जब तक फोर लेन नहीं बनेगा मुंगेर-भागलपुर, बख्तियारपुर-रजौली और बिहारशरीफ-नालंदा-राजगीर-बोधगया फोरलेन का कोई मतलब नहीं है। उसी तरह पटना-आरा-बक्सर नेशनल हाइवे का फोरलेन निर्माण जब तक केन्द्र सरकार नहीं करेगी तब तक औरंगाबाद-बिहटा और आरा मोहनिया के फोर लेन बन जाने से कोई फायदा नहीं होगा। राज्य सरकार अपने सामथ्र्य से पर्यटकीय एवं व्यापारिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण इन पांचों सड़कों का निर्माण कर भी लेगी पर इन राजमागों पर पहुंचना ही मुश्किल होगा। राजधानी पटना से इन मार्गो पर चढ़ने के लिए कम से कम पटना- बख्तियारपुर और पटना- आरा नेशनल हाइवे का फोरलेन निर्माण अति आवश्यक है। पर केन्द्र सरकार के दोहरे रवैेये के कारण सूबे में फोरलेन राजमार्ग का निर्माण अटक गया है। ड्ढr इंदिरा आवास के निर्माण में काफी तेजी आयीड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। उप विकास आयुक्तों (डीडीसी) और अन्य अधिकाारियों पर सरकार द्वारा की गई सख्ती का अच्छा असर हुआ है। जिलों से भेजी गई रिपोर्ट पर गौर करें तो हाल के महीनों में इंदिरा आवासों के निर्माण में काफी तेजी आई है। दिसम्बर,07 तक सूबे में 1.84 लाख इंदिरा आवास (नए एवं अपग्रेडेशन) बने हैं।ड्ढr ग्रामीण विकास विभाग से मिली जानकार के मुताबिक इस श्रेणी के इंदिरा आवासों के लिए दिसम्बर तक उपलब्ध कराई गई निधि के विरुद्ध राज्य की व्यय उपलब्धि 61.0 फीसदी रही है। विभाग के प्रधान सचिव अनूप मुखर्जी ने बताया है कि इस अवधि तक योजना के तहत लगभग 235 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। जानकारी के मुताबिक दिसम्बर तक उपलब्ध कुल निधि 128रोड़ में से 7रोड़ रुपए इस योजना के तहत खर्च किए गए हैं। भौतिक उपलब्धि के रूप में 1.84 लाख नयी आवासीय इकाइयों का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है और 36इकाइयों के निर्माण कार्य विभिन्न चरणों में हैं। इस वर्ष का वार्षिक लक्ष्य 5.67 लाख का बताया गया है। प्रधान सचिव ने बताया कि 16578 इकाइयों का उत्क्रमण कार्य कराया जा चुका है जबकि 25इकाइयों का उत्क्रमण कार्य प्रगति पर है। श्री मुखर्जी ने सभी जिलों के डीडीसी को योजना की सौ फीसदी उपलब्धि प्राप्त करने का निर्देश दिया है।ं

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