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आज का चलन है दफ्तर में ‘एक्सट्रा इनिंग’

ाम करते-करते अंख लड़ गई। अब दफ्तरों में अगर ऐसा कुछ होता है तो यह कोई स्केंडल नहीं, बल्कि यह आज के कॉरपोरेट जगत के ढर्रे मंे शुमार हो गया है। चौंकिए नहीं यह दफ्तरी इश्क केवल छड़ों की ही बपौती नहीं रह गया है बल्कि रोमांस की इस बयार में शादीशुदा आला अधिकारी भी मशगूल बताए जाते हैं। यह निष्कर्ष एक सर्वेक्षण ‘दफ्तर मंे रोमांस’ का है। कर्मचारी मुहैया कराने वाली एक कंपनी ‘टीम लीज सर्विसेज’ के मंगलवार को जारी इस सर्वेक्षण की मानें तो कॉरपोरेट जगत में हर तीन में से एक एक्जक्यूटिव को अपनी या अपने शादीशुदा सहकर्मी के साथ रोमांस चलाने में कोई हर्ज नजर नहीं आता। और तो और तकरीबन 44 फीसदी तो यह तक कहते हैं कि इस तरह का रोमांस अक्सर पदोन्नति पाने की एक रणनीति का हिस्सा होता है। इस सर्वेक्षण का मकसद देश में कामकाज के ताजा तरीन माहौल को समझना और उसका जायजा लेना है। सर्वेक्षण मंे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, पुणे, चंडीगढ़ और हैदराबाद में कुछ शीर्ष कंपनियांे में काम कर रहे 402 पुरुषों और महिलाआें से बातचीत की गई। इनमें 6ीसदी एक्जक्यूटिव की राय थी कि रोमांस की शुरुआत अक्सर महिलाआें की आेर से होती है और दफ्तरी रोमांस में वह बराबरी से भाग लेती हैं। इस मामले मंे कोलकाता शीर्ष पर था, जहां दस मंे आठ लोगों का यह कहना था कि शुरुआत महिलाआें की आेर से होती है। यह पूछने पर कि आखिर कोई कर्मचारी अपने बॉस से इश्क क्यों लड़ाना चाहेगा? दिल्ली में सौ में से 6ा जवाब था, ‘जल्द पदोन्नति और ऊंचे वेतन के लिए।’ गुड़गांव में एक बीपीआे में काम करने वाली 28 वर्षीय अमिता सिन्हा (बदला हुआ नाम) इस अवधारणा पर मुहर लगाती है। उसके मुताबिक, वह और उसकी सहकर्मी ने एक ही समय में नौकरी शुरू की। वह बताती है, ‘मेरी सहकर्मी की देखते ही देखते मैनेजर ऑपरेशंस के पद पर तरक्की हो गई क्योंकि उसका अधेड़ उम्र के हॉटशॉट बॉस के साथ चक्कर चल रहा था। अब वह मुझसे ठीक दुगना वेतन घर ले जाती है।’ फिर भी 56 फीसदी अब भी यह मानते हैं कि अगर दो सहकर्मियों का आपस में चक्कर चल रहा हो तो कंपनी को उसमें दखलअंदाजी नहीं करनी चाहिए।

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  • Web Title: आज का चलन है दफ्तर में ‘एक्सट्रा इनिंग’