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बादल देख किसानों का छूटा पसीना, आलू में लगा झुलसा रोग

सूबे में गत दिनों से हुए मौसम में परिवर्तन से किसान परेशान हैं। हालत यह है कि बादल देखते ही किसान के माथे से इस ठंड में भी पसीना टपकने लगता है। आलू में झुलसा रोग से किसानों में बेचैनी है। समय बीत जाने के बाद बोए गए सरसों, राई, तोरी व अन्य तिलहन फसलों में माहू कीट (एफिड) ने उन्हें चिंतित कर दिया है। किसान आलू व तिलहनी फसलों के पैदावार में होने वाली कमी सेअभी से ही चिंतित हैं। बात दीगर है कि यह मौसम गेहूं फसल के लिए वरदान साबित हो रहा है।ड्ढr एक तो ठंड पड़ रही है दूसरे हल्की बारिश हो जाने से किसानों को गेहूं की सिंचाई करने में पाकेट ढीली करने की जरूरत नहीं पड़ रही है। इस बाबत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के वरीय वैज्ञानिक डा. एस.एस. सिंह ने बताया कि पटना, वैशाली, कटिहार सहित कई जिलों में आलू की फसल में झुलसा रोग लगने की शिकायतें मिली हैं।ड्ढr ड्ढr इस रोग से बचाव के लिए एक लीटर पानी में दो ग्राम रिडोनिल नामक दवा का छिड़काव करने से रोग पर काबू पाया जा सकता है। वहीं तिलहनी फसलों में माहू कीट को समाप्त करने के लिए 2 मिलीलीटर इंडो सल्फास के 35 फीसदी को एक लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव कर इस रोग को दूर किया जा सकता है। गेहूं के लिए यह मौसम अनुकूल है।

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