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133 आंगनबाड़ी सेविकाएं निष्कासित

पोषाहार वितरण में गड़बड़ी के आरोप में 17 जिलों में 133 आंगनबाड़ी सेविकाओं को निष्कासित कर दिया गया है। सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में भी दोषी आंगनबाड़ी सेविका को बगैर स्पष्टीकरण के ही हटा दिया जायेगा।ड्ढr ड्ढr समेकित बाल विकास सेवा योजना के तहत आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से 3 वर्ष के कम उम्र के बच्चों, गर्भवती माताओं और दुग्धपान कराने वाली माताओं के लिए पोषाहार कार्यक्रम चलाया जा रहा है। प्रत्येक माह के दूसरे और चौथे सप्ताह को निर्धारित मात्रा में ‘टेक होम राशन’ के वितरण की व्यवस्था है। आईसीडीएस सूत्रों के अनुसार आंगनबाड़ी केन्द्रों के कार्यकलाप की लगातार निगरानी की जा रही है। निदेशक कल्याण जिला कल्याण पदाधिकारी, सीडीपीओ और निदेशालय के अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर कैमूर में 17, समस्तीपुर व सारण में 6-6, भोजपुर में 5, मुजफ्फरपुर व औरंगाबाद में 4-4, खगड़िया में 3, मुंगेर, रोहतास, बांका, नालन्दा, सुपौल और लखीसराय में 2-2 जबकि बेगूसराय में एक आंगनबाड़ी सेविका को हटाया गया है। इससे पूर्व बक्सर, सीतामढ़ी, नालन्दा, जहानाबाद, अररिया, गया, वैशाली, नालन्दा, पटना, दरभंगा, गया, खगड़िया और मुंगेर की 73 सेविकाओं को चयनमुक्त किया गया था।

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