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शहीद जगदेव व एलएन मिश्र हत्याकांड की न्यायिक जांच हो

विधान पार्षद व जदयू नेता नागमणि ने शहीद जगदेव प्रसाद और ललित नारायण मिश्र हत्याकांड की न्यायिक जांच कराने की मांग की है। शनिवार को संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि दोनों ही नेताओं की हत्या की सच्चाई अबतक सामने नहीं आयी। जनता सच जानना चाहती है। उनका दावा है कि कुछ कद्दावर नेताओं ने पुलिस के हाथों जगदेव बाबू की हत्या करवायी। हम भीख नहीं न्याय मांग रहे हैं। न्यायिक जांच हुई तो साजिशकर्ता बेनकाब होंगे और उन्हें फांसी की सजा मिलेगी।ड्ढr ड्ढr उन्होंने पटना विश्वविद्यालय का नामकरण सरदार पटेल और मगध विश्वविद्यालय का नामकरण जगदेव बाबू के नाम पर किये जाने, जगदेव बाबू की जीवनी स्कूली पाठय़क्रम में शामिल करने और शोध संस्थान के लिए पांच कट्ठा जमीन देने की मांग की है। शहीद जगदेव सेना 28 फरवरी को दरभंगा में ललित बाबू का जयंती समारोह मनायेगी। उन्होंने कहा कि जगदेव बाबू की हत्या की जांच के लिए एक आयोग बना लेकिन उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई। ललित बाबू की हत्या भी अनसुलझी पहेली है। उनका आरोप हैं कि कुछ कद्दावर नेताओं ने जगदेव बाबू की हत्या करायी और आयोग ने पुलिस की फायरिंग को जायज ठहराया। साजिशकर्ताओं का नाम बताने से इंकार करते हुए नागमणि कहते हैं, मैं आयोग के सामने ही सच रखूंगा। इतने दिनों तक चुप क्यों थे? उनका जवाब हैं, ‘पहले की सरकारों पर भरोसा नहीं था लेकिन जिस तरह नीतीश सरकार ने भागलपुर दंगापीड़ितों को न्याय दिलाया, उससे मुझे भी न्याय मिलने की आस जगी है।’ वे आश्वस्त हैं कि मुख्यमंत्री जल्द ही आयोग बनायेंंगे।ड्ढr ड्ढr ऐसा नहीं हुआ तो नागमणि सवालिया लहजे में कहते हैं, क्यों नहीं बनेगा? लालू प्रसाद हों या नीतीश कुमार, जगदेव बाबू की वजह से ही उन्हें सत्ता मिली। सबसे बढ़कर कि जनता सच जानना चाहती है तो मुख्यमंत्री जनभावना की अनदेखी कैसे कर सकते हैं?ड्ढr ड्ढr जगदेव बाबू की छवि का दुरुपयोग किया नागमणि ने : उपेन्दड्र्ढr पटना (हि.ब्यू.)। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने अमर शहीद जगदेव प्रसाद की हत्या की न्यायिक जांच कराने की मांग को नागमणि का नया राजनीतिक ड्रामा करार दिया है। प्रदेश राकांपा के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि नीतीश सरकार में जगदेव बाबू के विरोधियों का जमावड़ा होने के बावजूद नागमणि जदयू के नेता और विधानपार्षद बने हुए हैं। उनकी पत्नी सुचित्रा सिन्हा भी राज्य सरकार में मंत्री हैं। नागमणि ने राजनीतिक महत्वाकांक्षा को पूरा करने और सत्ता सुख के लिए जगदेव बाबू की महान छवि का दुरुपयोग किया है। अगर वे सचमुच अपने महान पिता की हत्या की साजिश का पर्दाफाश और साजिशकर्ताओं को फांसी के तख्ते तक पहुंचाना चाहते हैं तो उन्हें व उनकी पत्नी को न सिर्फ विधान परिषद और मंत्रिमंडल बल्कि जदयू की प्राथमिक सदस्यता से तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। सत्ता का सुख छोड़ संघर्ष करने पर ही नागमणि को जनता का सहयोग मिलेगा।

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