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साइबर क्राइम शिकारों पर बीमा कंपनियों की नजरें

इंश्योरेंस कम्पनियों ने अब बढ़ते साइबर अपराधों से होने वाले नुकसान की भरपाई करने के इरादे से अपनी कुछ खास पॉलिसियां पेश की है। अभी तक इस क्षेत्र में अपने पैर जमाने के लिए एचडीएफसी जनरल इंश्योरेंस,टाटा एआईजी और आईसीआईसीआई लॉम्बार्ड ने दस्तक भी दे दी है। जानकार कह रहे हैं कि देश में तेजी से बढ़ते साइबर अपराध तथा बैंकिंग, बीपीओ और वित्त क्षेत्र की कम्पनियों के लिए उनका डाटा जिस तरह से महत्वपूर्ण हो रहा है,उस रोशनी में ही बीमा कम्पनियों ने अपनी खास पॉलिसियां बाजार में पेश कर दी है।ड्ढr ओप्टिमा रिस्क सर्विसेज के सीईओ राहुल अग्रवाल ने कहा कि इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले साइबर हमलों के लगातार शिकार बन रहे हैं और डाटा चोरी जैसी घटनाएं भी उन्हीं के साथ यादा होती हैं क्योंकि वे आम तौर पर साइबर सुरक्षा की आेर यादा ध्यान नहीं देते। वे मानते हैं कि जागरूकता बढ़ने के साथ इन पॉलिसियों को अधिक से अधिक इंटरनेट यूजर्स भी लेने लगेंगे।ड्ढr इंटरनेट सुरक्षा सोल्युशंस विकसित करने वाली कंपनी साइमंटेक की एक रिपोर्ट के आधार पर उन्होंने कहा कि साइबर हमला करने वाले होम यूजर्स को सबसे आसान शिकार मानते हैं और साइबर हमले की 86 प्रतिशत घटनाएं उन्हीं के साथ होती हैं। इन परिस्थितयों में आने वाले समय में यह वर्ग भी बीमा कम्पनियों से अपने डाटा की चोरी से बचाव के लिए बीमा करवाने की पहल करेगा। अमेरिका, फ्रांस ब्रिटेन आदि देशों में तो इंटरनेट यूजर्स भी ले रहे हैं अपनी साइबर क्राइस से बचाव के लिए बीमा पॉलिसियां। जानकारों का कहना है कि वित्तीय क्षेत्र और बीपीओ सेक्टर में लगी कम्पनियां भी खूब ले सकती उपयरुक्त पॉलिसी को।ड्ढr राहुल अग्रवाल ने बताया कि इंटरनेट पर सर्च करने वाले ई मेल ग्राहक और अन्य प्रकार के कंप्यूटर यूजर्स पर साइबर शैतानों की गाज सबसे अधिक गिरती है। मौजूदा वर्ष की पहली छमाही में 6प्रतिशत साइबर हमले उन्हीं पर हुए। इनमें धोखाधड़ी की घटनाएं भी थीं। साइबर हमला करने वाले अब ऐसी कई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिनके कारण उन्हें ढूंढना और पहचानना बेहद मुश्किल हो जाता है। इस कारण उन्हें डाटा चुराने, खरीददारी के लिए कम्प्यूटर हाईजैक करने और अन्य तरह की धोखाधड़ी करने के लिए अधिक समय मिल जाता है।ड्ढr साइबर क्राइम को अंजाम देने वालों के शिकारों को राहत देने के लिए शुरू की गई बीमा पॉलिसियों पर बीपीओ एसोसिएशन के प्रमुख दीपक कपूर ने कहा कि साइबर हमला करने वालों के लिए घरेलू कम्प्यूटर यूजर और बीपीओ सबसे कमजोर कड़ी होते हैं। इसलिए अवैध काम करने और फायदा उठाने के लिए वे सबसे यादा निशाना उन्हीं पर साधते हैं। उन्होंने कहा कि बीमा कंपनियों ने साइबर क्राइम के शिकार लोगों के लिए पॉलिसी लाकर वास्तव में बड़ी पहल की है। अब सरकार को भी कड़े कानून बनाने चाहिए ताकि कोई भी साइबर क्राइम करने की हिम्मत न करे।

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  • Web Title: साइबर क्राइम शिकारों पर बीमा कंपनियों की नजरें