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चयनित अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग नहीं होगी

दूसरे चरण में एक लाख से अधिक शिक्षकों के नियोजन के लिए सरकार ने गाइडलाइन जारी कर दिया है। इसके तहत इस बार चयनित अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग नहीं होगी बल्कि सीधे मेधा सूची ही प्रकाशित होगी। वहीं नियोजन के बाद अभ्यर्थियों को छह माह का समय दिया जाएगा जो कि उनके प्रमाण पत्रों की जांच के लिए होगा। इस दौरान जिला, प्रखंड और पंचायतस्तर की नियोजन इकाइयां अभ्यर्थियों द्वारा पेश किए गए सर्टिफिकेट का सत्यापन करेंगी।ड्ढr ड्ढr मानव संसाधन विभाग ने यह निर्णय शनिवार को हुई डीएसई और एसडीईओ की बैठक में लिया। जानकारी के मुताबिक इसका मकसद शिक्षक नियुक्ित में अधिक से अधिक पारदर्शिता लाना है। मेधा सूची के प्रकाशन के बाद अभ्यर्थियों से आवेदन मांगा जाएगा और इसके बाद अंतिम सूची का प्रकाशन होगा जिसके आधार पर अभ्यर्थियों का नियोजन होगा। यह भी तय हुआ है कि हर नियोजन इकाई मेधा सूची की एक प्रति जिले के डीएसई को उपलब्ध कराएगी। इस बारे में सूचनाओं का प्रकाशन इस तरह होगा कि भी अभ्यर्थियों को इसकी जानकारी मिल सके।ड्ढr ड्ढr इसके तहत चयन की विभिन्न प्रक्रियाओं जैसे आवेदन पत्र जमा करने, मेधा सूची प्रकाशन आदि के लिए पंचायतस्तर पर एक ही तिथि रखी जाएगी। इसी तरह इन प्रक्रियाओं के लिए प्रखंड और जिलास्तर के लिए भी अलग-अलग तारीख रखी जाएगी। बैठक में प्राथमिक निदेशक डा. अशोक कुमार सिंह, उप निदेशक आरएस सिंह और मुखदेव सिंह वगैरह ने भाग लिया। नियोजन कैलेंडर का खाका तैयारड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। शिक्षा विभाग ने दूसरे चरण में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षकों के लिए नियोजन कैलेंडर का खाका लगभग तैयार कर लिया है। इसके तहत इस कोटि के अभ्यर्थियों की मेधा सूची के प्रकाशन की तिथि अब एक माह बढ़ाकर 22 मई कर दी गई है। पहले यह तिथि 22 अप्रैल तय की गई थी। यह निर्णय इंटरमीडिएट कौंसिलमें हुई विभाग के अधिकारियों के साथ डीईओ की बैठक में लिया गया। जानकारी के मुताबिक इस संभावित तिथि में यदि फेर-बदल हुआ भी तो दो-चार दिनों का ही होगा। दोपहर बाद तक चली इस बैठक में अन्य प्रक्रियाओं को भी रीशिडय़ूल किया गया और उनको एक पखवारा और आगे बढ़ाने पर सहमति हुई। इसके तहत नियोजन पत्र बंटने की तारीख भी 15 दिन आगे बढ़ जाने की संभावना है।ड्ढr ड्ढr ये कार्यक्रम सिर्फ माध्यमिक और उच्च माध्यमिक के लिए हैं और इससे प्राथमिक एवं मिडिल शिक्षकों की बहाली का कोई लेना-देना नहीं है। बैठक में आगामी सत्र से इंटरस्तर की पढ़ाई जमा दो स्कूलों में हर हाल में शुरू करने पर भी विमर्श किया गया। विभाग ने मौजूदा 618 के अलावा और इंटरमीडिएट स्तर के जमा दो स्कूलों को प्रखंडवार खोलने का फैसला किया है। जानकारी के मुताबिक सूबे के राजकीय, राजकीयकृत और प्रोजेक्टस्तर के सभी 3000 स्कूलों को जमा दो स्तर का बनाना है। इसके लिए जैसे-जैसे सरकार से राशि की उपलब्धता सुनिश्चित होती जाएगी, ये स्कूल सरजमीं पर उतरते जाएंगे। बैठक में निदेशक कमलेश्वर प्रसाद सिंह और उप निदेशक में अजीत कुमार, अरुण शर्मा, एजाज शोएब हाशमी और शिवनाथ प्रसाद ने भाग लिया।

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