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कुख्यात सरगनाआें का अड्डा बन रहा पटना

‘सिल्क सिटी’ भागलपुर के दो बाहुबलियों पप्पू खान और रियाजुल की भिड़ंत। ताकत व वर्चस्व के लिए खूनी जोड़-आजमाइश शुरू हुआ भागलपुर से लेकिन दोनों बाहुबली गोलियों से छलनी हुए राजधानी में। पप्पू खान पिछले वर्ष तो रियाजुल बीते शनिवार की रात मारे गये। बाढ़ के कुख्यात विवेका पहलवान के भाई व ठेकेदार संजय सिंह को बोरिंग कैनाल रोड स्थित एक सरकारी ऑफिस में हथियारबंद हमलावरों ने भून डाला। पिछले महीने अनीसाबाद में टेंडरवार के लिए गोलियां बरसीं।ड्ढr ड्ढr कुख्यात सूरजभान उर्फ कमांडों घायल होकर भाग निकला हालांकि दो निर्दोष मारे गये। एक महीने के अंदर हुई इन घटनाओं पर नजर डालें तो स्पष्ट है कि अपराध जगत का ट्रेंड बदल रहा है। दूसरे इलाकों के अपराधियों-बाहुबलियों की खूनी भिड़ंत की चिंगारी राजधानी में सुलगरही है। गैंगवार, टेंडरवार, वर्चस्व व आपसी अदावत के लिए राजधानी ‘रणभूमि’ बन गई है। दरअसल सरगना व बाहुबलियों ने अपनी कूबत के बल पर राजधानी में अपना आशियाना बना रखा है। सरगना से गुर्गे तक यहां भूमिगत होकर रहते हैं। कइयों को स्थानीय अपराधियों या राजनीतिज्ञों का संरक्षण मिलता है। नतीजतन ठिकाना सुरक्षित देख वे अपना परिवार भी रखते हैं। वहीं विरोधी पक्ष यह सोच राजधानी पहुंचता है कि यहां उसे निशाना बनाने में आसानी होगी। फिर विरोधी के पता व गतिविधियों की खोज और साजिश रच कर उसे अंजाम दिया जाता है। पहले से घात लगाये अपराधियों ने बाहुबली पप्पू खान, रियाजुल, ठेकेदार संजय सिंह आदि को निशाना बनाया। वहीं यह स्थिति पुलिस के लिए परेशानी का सबब है। अमूमन पुलिस की नजर इलाके के अपराधियों पर होती है। दूसरे जिलों के अपराध जगत की हरकतों पर नजर रखना संभव भी नहीं। ऐसे में बाहरी अपराधियों को यहां आकर अपना ‘मिशन’ पूरा करने में सफलता मिल जाती है।

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